पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमान लुधियानवीं पर हुए हमले के बाद अब उनके चाचा अतीक उर रहमान लुधियानवीं ने आज प्रेस कन्फ्रेंस की है। अतीक उर रहमान पंजाबी शाही इमाम पर खूब भड़के। उन्होंने शाही इमाम पर ही बदसलूकी और हिंसा के आरोप लगाए हैं। धक्केशाही के साथ पुलिस पर दबाव बनाकर मामला दर्ज करवाया है। उस्मान बाबा राम रहीम की कापी-अतीक रहमान अतीक ने कहा कि शाही इमाम के पाकिस्तान से लिंक है। इन्हें फंडिग कैसे हो रही इसकी मुख्यमंत्री भगवंत मान जांच करवाए। शाही इमाम पर आरोप लगाते हुए चाचा अतीक ने कहा कि उस्मान बाबा राम रहीम की कापी है। शाही और इनके करीबियों के पास पैसा और इतनी गाड़ियां कहां से आई है इसकी जांच करवाई जाए। अतीक ने कहा कि पुलिस का एक बड़ा अधिकारी है जो इनकी हर काम में मदद करता है। शाही इमाम का साथी मुस्तकिम बनवाते गैंगस्टरों के लाइसेंस चाचा अतीक ने कहा कि शाही इमाम के करीबी मुस्तकिम गैंगस्टरों के हथियारों के लाइसेंस बनवाते है। लाइसेंस बनवाने के जो पैसे है वह ऊपर तक के अधिकारियों को भी भेजे जाते है। उसके बच्चे विदेश में पढ़ते है। मुस्तकिम की जांच होना चाहिए कि ये क्या कारोबार करता है। इसके पास पैसा कहां से आ रहा है। जब हमारे बड़े भाई साहिब थे तो मैं उस समय जामा मस्जिद का प्रधान रहा हूं। गनमेनों की आड़ में शाही इमाम करता गुंडागर्दी बड़े भाई साहिब की मौत के बाद उस्मान ने हमसें कहा था कि मैं मस्जिद चलाना चाहता हूं। हमने किसी तरह इन्हें मना नहीं किया लेकिन अब ये हमें ही पीटने लग गया। वसियत में भी हमारे पिता ने हम तीनों भाइयों को वारिस बनाया था। शाही इमाम गनमेनों की आड़ में गंडागर्दी करता है। मारपीट में मेरे भाई की अंगुलियां तक टूट गई है। आज हमें डिवीजन नंबर 2 से फोन आया है कि आपका मैडिकल थाना में आया हुआ है आकर अपने बयान लिखवा दें। पाकिस्तान से है शाही इमाम के लिंक चाचा अतीक रहमान ने कहा कि शाही इमाम के पाकिस्तान के विपक्ष नेता फजलू रहमान से गहरे संबंध है। जब वह भारत आया था तो उसे मस्जिद में बुलाकर सम्मानित किया गया था। क्या जरूरत है हमें इस तरह के लोगों को सम्मानित करने की जो हमारे देश के विरोधी हो। फजलू रहमान के भारत से जाने के बाद ही भारत और पाकिस्तान के संबंध बिगड़े है। ये आतंकी हिन्दूओं को मारते है और इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। ये वहीं फजलू रहमान ने है जो कश्मीर मामलों का चेयरमेन है। अतीक के बेटे पंजाब मुफ्ती सद्दाम ने कहा कि शाही इमाम के कुछ साथी है जो सोशल मीडिया पर हमारी तस्वीरें लगाकर हमें गद्दार कह रहे है। इन लोगों पर भी हम कानूनी कार्रवाई करेंगे। यदि आने वाले समय में हमारा कोई जानी नुकसान होता है तो शाही इमाम इसका जिम्मेवार है। गिरफ्तारियों से बचने के लिए कर रहे ड्रामेबाजी-शाही इमाम शाही इमाम उस्मान लुधियानवीं ने कहा कि आज कुछ पत्रकारों का फोन आया जिन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने आज प्रेस कान्फ्रेंस करके हमारे पर आरोप लगाए है कि हम पाकिस्तान के एजेंट है। ये वही लोग है जिन लोगों पर कुछ दिन पहले मामला दर्ज हुआ है। ये वही लोग है जिन्होंने जामा मस्जिद के बाहर हमला किया था। मैं इन लोगों से यही कहना चाहतू हूं कि यदि ये लोग आरोप साबित कर सकते है तो करके दिखाए। अन्यथा इनके खिलाफ मैं FIR दर्ज करवाउंगा। मैं बता दूं कि पाकिस्तान के खिलाफ जामा मस्जिद से मूवमेंट चल रही है। हमेशा आतंकवाद का यहां से विरोध हुआ है। आज जिन लोगों ने आरोप लगाया है इनका दो मस्जिदों पर कब्जा है। एक मस्जिद शाहपुर रोड पर है तो दूसरी मस्जिद खुड्ड मोहल्ला में है। वहां ये लोग मुस्लमानों को नमाज तक पढ़ने में दिक्कत देते है। ये लोग वहां ताले लगा देते है। इन लोगों की कोशिश थी कि जामा मस्जिद जो बन रही है उसमें अपनी हिस्सेदारी डाले ताकि बन रही मस्जिद का काम रुकवाए ताकि हमें कुछ मिले। ये लोग 1 तारिख को अदालत भी गए लेकिन वहां से इन्हें स्टे नहीं मिला। जामा मस्जिद के बाहर एक सेफ सिटी कैमरा लगा है। उसमें सब कुछ रिकार्ड है कि ये लोग खुद चलकर अपने घर से आए और ईंट-पत्थर चलाए। इन पिता-पुत्र ने जब मेरे थप्पड़ मारने की कोशिश की तो लड़के ने इन्हें धक्का दिया। दोनों पिता-पुत्र सड़क पर खुद ही लेट गए। पिता जब गिरकर उठने लगा तो बेटे ने उसे कहा कि अभी लेटे रहो बेहोश होने का ड्रामा अभी करना है। ये सब कुछ कैमरों में कैद हो रहा था। जब मैंने एसएचओ को फोन करके बुलाया तो लोग वहां से निकल गए। ये दुकान में किराएदार तक नहीं है। आज जो ये लोग क्लेम करते है कि ये हमारे परिवार के लोग है तो आपको बता दूं कि करीब 100-150 वर्ष पहले मुफ्ती नयिम साहिब थे। उनका काम था कि जो हमारे बड़े दादा स्वतंत्रा सैनानी मोलाना लुधियानवीं के खिलाफ अंग्रेजों को शिकायतें देते थे कि इन्हें शाही मस्जिद से निकालो। इनका जलसा ना होने दो। मेर कत्ल करवाकर दंगे करवाने चाहते आरोपी-शाही इमाम ये उनके वारिस है। मैं डीजीपी साहिब से निवेदन करना चाहता हूं कि ये कुल 3 लोग है जो पंजाब का माहौल खराब करना चाहते है। ये मेरा कत्ल करवाकर यहां दंगा करवाने चाहते है। इन लोगों पर पहले दो मुकदमे दर्ज है। उस समय जब श्री राम मंदिर का निर्माण होना था तो कुछ हिन्दू भाई हमारी मस्जिद में आए थे और उन्होंने हमें अक्षित (चावल) दिए थे। जो भी हमारी मस्जिद में आएगा हम उनका स्वागत करेंगे। उस समय इन्होंने कहा था कि शाही इमाम बिक गया। उस समय इन पर मामला दर्ज हुआ था। इसी तरह एक गुरुद्वारा साहिब का जब नीव पत्थर रखा गया था तो इनके बेटे ने उनके खिलाफ पोस्टें डाली थी तो एक मामला वह इन पर दर्ज है। डीजीपी साहिब इस मामले की गहराई से जांच करवाए और माहौल खराब करने वालों की गिरफ्तारी डलवाए।


