प्रशासनिक रिपोर्टर| दुर्ग स्मृति नगर और वैशाली नगर पुलिस ने हेरोइन (चिट्ठा ) बेचने वाले गिरोह को पकड़ा है। इस गिरोह में पांच लोग शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों में शेखर राव, कुंदन उर्फ कुम्बजल, मोहम्मद सोहेल और हर्ष भाटी शामिल है। सोहेल रायपुर का रहने वाला है। बाकी आरोपी भिलाई के है। वहीं गिरोह के मास्टरमाइंड गुरजीत सिंह उर्फ रूट को भी गिरफ्तार किया गया। उनसे करीब 14 ग्राम हेरोइन जब्त किया गया। मोबाइल और वाहन भी जब्त किए गए। जब्ती की कीमत 3.65 लाख रुपए है। पुलिस ने सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया। बीते दो दिन से पुलिस लगातार हेरोइन बेचने और उपयोग करने वालों को पकड़ रही है। पंजाब से 3 हजार रुपए प्रति ग्राम में हेरोइन खरीदकर शहर में 7 से 8 हजार रुपए प्रति ग्राम में खपाया जा रहा था। दुर्ग|गिरोह का मास्टरमाइंड रुट छावनी थाने से एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल गए लक्ष्मण चौधरी उर्फ बुधिया का साथी है। बुधिया के जरिए रुट अपना दोबारा नेटवर्क तैयार कर लिया था। सूत्र बताते है कि बुधिया को राजनैतिक संरक्षण मिला हुआ था। इससे वह धड़ल्ले से हेरोइन का धंधा संचालित कर रहा था। उसके पकड़े जाने के बाद यह बात भी सामने आई कि उसे छुड़ाने के लिए कोशिश की गई थी। लेकिन आनन फानन में उसे छावनी थाने भेजकर उसे साथियों के साथ जेल भेज दिया गया। रुट को पहली बार वैशाली नगर पुलिस ने वर्ष 2024 में गिरफ्तार किया था। वर्ष 2025 में उसे मोहन नगर पुलिस ने पकड़ा था। रुट अपनी प्रेमिका के साथ थाने से भाग गया था। उसे दोबारा ट्रैक करके ट्रेन से पकड़ा गया था। उसके माता पिता भी इसी धंधे में लिप्त है। रुट अपने पंजाब में रहने वाले अपने रिश्तेदार से चिट्ठा खरीदकर लाता था। उसने यहां पर अपना नेटवर्क तैयार कर लिया था। मोहन नगर पुलिस ने रुट समेत 30 से अधिक लोगों को वर्ष 2025 में जेल भेजा था। पुलिस के मुताबिक रुट का रिश्तेदार पाकिस्तान से हेरोइन लाकर भारत में सप्लाई करता है।


