पंजाब सरकार ने पूर्व आईएएस अधिकारी अमरपाल सिंह को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। नियुक्ति आदेश के अनुसार, वह इस पद पर 66 वर्ष की आयु पूरी होने तक या तीन वर्षों तक (जो भी पहले हो), कार्यरत रहेंगे। इससे पहले, सतबीर कौर बेदी के इस्तीफे के बाद यह पद शिक्षा सचिव के पास था। अमरपाल सिंह को यह जिम्मेदारी ऐसे समय पर सौंपी गई है, जब पंजाब में 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं चल रही हैं। उनके कार्यकाल में बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना, समय पर परिणाम घोषित करना, और सिलेबस में संशोधन जैसे अहम कार्य होंगे। साथ ही, पंजाब सरकार भी नई शिक्षा नीति पर काम कर रही है, जिससे उनके कार्यकाल की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। सतबीर कौर बेदी का कार्यकाल और विवाद आम आदमी पार्टी सरकार के सत्ता में आने के बाद सतबीर कौर बेदी को PSEB की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था, लेकिन उनकी नियुक्ति के बाद विवाद खड़ा हो गया। उन पर आरोप लगा कि वह पंजाबी भाषा लिखने में सक्षम नहीं हैं, जिससे उनकी योग्यता पर सवाल उठाए गए। यह भी आरोप लगे कि सरकार दिल्ली के अधिकारियों को पंजाब की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप रही है। हालांकि, उनके कार्यकाल में बोर्ड ने कई बड़े सुधार किए, जिन्हें सराहा भी गया। हाल ही में सतबीर कौर बेदी ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद, पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले व्यक्ति को बोर्ड की कमान सौंपने का निर्णय लिया, जिसके तहत अमरपाल सिंह को यह पद दिया गया है। उनका कार्यकाल बोर्ड की नीतियों में सुधार और पंजाब में शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है


