दिल्ली विधानसभा ने एडिशनल सेक्रेटरी होम मिनिस्ट्री पंजाब, डीपीजी पंजाब, जालंधर पुलिस कमिश्नर को आतिशी मामले में फटकार लगाई है। तीनों से पूछा गया है कि तय समय (12 फरवरी) तक जवाब क्यों नहीं दिया। उन्हें अब 20 फरवरी तक का आखिरी समय दिया गया है। दिल्ली विधानसभा के सचिव रंजीत सिंह की तरफ से पत्र जारी कर कहा गया है कि अगल अब जवाब नहीं मिलता है तो अवमानना की कार्यवाही की जाएगी।
यह पत्र विशेषाधिकार हनन और अवमानना की शिकायतों के संबंध में है, जो दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी की तरफ से सिख गुरुओं के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। बता दें कि आप नेता आतिश पर दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही दौरान सिख गुरुओं पर टिप्पणी का आरोप है। इसे लेकर जालंधर के आप नेता इलबाल सिंह बग्गी की शिकायत पर कांग्रेस नेता और कैंट MLA परगट सिंह, सुखपाल खैहरा पर केस दर्ज किया गया था।
दोनों नेताओं के खिलाफ आरोप था कि इन्होंने वीडियो को आगे शेयर किया है। इसके अलावा जालंधर पुलिस ने मोहाली फोरेंसिक लैब से वीडियो की जांच करवाई थी। इसमें कहा गया है कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई है जिसके चलते भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और दिल्ली के भाजपा नेता कपिल मिश्रा के नाम भी FIR में दर्ज किए गए हैं। दिल्ली विधानसभा से जारी लेटर की अहम बातें लेटर में पूछा- पंजाब के अधिकारियों का जवाब क्यों नहीं मिला- दिल्ली विधानसभा सचिव रंजीत सिंह ने 13 फरवरी को भेजे लेटर में लिखा कि ये लेटर 5 फरवरी 2026 को भेजे गए पिछले पत्र के संदर्भ में है। माननीय समिति ने इस विशेषाधिकार मामले पर डीजीपी पंजाब गौरव यादव. सीपी जालंधर धन प्रीत कौर और गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव से जवाब मांगा था। ये जवाब 12 फरवरी 2026 तक या उससे पहले जमा करना था। हालांकि, सचिवालय को निर्धारित समय तक कोई जवाब नहीं मिला है। इस मामले को नार्मल न समझा जाए: लेटर से हवाले से कहा गया है कि माननीय सभापति (प्रद्युम्न सिंह राजपूत) ने सूचित किया है कि विशेषाधिकार के मामले सीधे उस व्यक्ति से संबंधित होते हैं जिसे पत्र संबोधित किया गया है। इसलिए, जवाब व्यक्तिगत रूप से आपकी ओर से होना चाहिए। इसे कोई सामान्य विभागीय कम्युनिकेशन न समझा जाए। देरी स्वीकार नहीं की जाएगी जवाब देने में किसी भी प्रकार की देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। समिति द्वारा मांगी गई जानकारी या दस्तावेज देने में देरी करना या मना करना, अपने आप में विशेषाधिकार का हनन और अवमानना माना जाता है। एक मौका और दिया जा रहा है : लेटर में लिखा है कि तीनों जिम्मेदार अधिकारियों को 5 फरवरी के लेटर का जवाब एक बार फिर से देने का अंतिम मौका दिया जा रहा है। अब आपको अपना जवाब 20 फरवरी 2026 तक या उससे पहले हर हाल में जमा करना होगा। अब जानें क्या है पूरा मामला
6 जनवरी 2026 को आतिशी की टिप्पणी से मचा बवालः दिल्ली विधानसभा में आतिशी ने सिख गुरुओं पर 6 जनवरी 2026 को शीतकालीन सत्र के दौरान सिख गुरुओं पर कथित टिप्पणी की। जब सदन में गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व पर चर्चा चल रही थी तो भाजपा ने आरोप लगाया कि प्रदूषण के मुद्दे पर हुई तीखी बहस के दौरान आतिशी ने आपत्तिजनक शब्द कहे, जबकि आतिशी और आम आदमी पार्टी का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फर्जी है और उन्होंने कभी गुरुओं का अपमान नहीं किया, जिसे लेकर अब दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति पंजाब पुलिस के अधिकारियों से जवाब-तलबी कर रही है।
आतिशी की सफाई-मैंने लावारिस कुत्तों पर बात की ः वीडियो वायरल होने के बाद आतिशी ने स्पष्ट करते हुए कहा- BJP सिख समाज और गुरुओं से नफरत करती है, और आज भी इन्होंने गुरुओं का अपमान करते हुए एक घिनौनी हरकत की है। बीजेपी ने गुरु तेग बहादुर जी के नाम को गलत तरीके से इस्तेमाल किया और गुरु साहब का अपमान किया।
रोष बढ़ा तो जालंधर में FIR: आतिशी के बयान पर पंजाब में खुद का नुकसान होता देख आप सरकार ने वीडियो को मोहाली फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेज दिया। इस वीडियो से छेड़छाड़ हुई बताते हुए इकबाल सिंह के बयान पर बीजेपी नेता कपिल मिश्रा पर जालंधर पुलिस कमिश्नरेट में पर्चा दर्ज हो गया।
दिल्ली के विस स्पीकर ने DGP और CP जालंधर को दिए नोटिस: जालंधर में BJP नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ पर्चा दर्ज होने पर दिल्ली विस स्पीकर ने पंजाब के DGP और CP धन प्रीत कौर पर विधानसभा के विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाया। इसे लेकर पंजाब सरकार के दो बड़े अधिकारियों को नोटिस भेज दिया गया। दोनों से 15 दिन में जवाब मांगा गया है। भाजपा और अकाली दल ने कहा था- सिख गुरुओं का अपमान किया भाजपा और अकाली दल ने आतिशी का दिल्ली विधानसभा में बोलते हुए एक वीडियो जारी किया था। जिसमें दावा किया कि आतिशी ने सिख गुरुओं का अपमान किया है। आतिशी ने बहस के दौरान कहा- कुत्तों का सम्मान करो, गुरुओं का सम्मान करो। हालांकि विरोधियों के इस दावे पर आतिशी ने भी पलटवार किया था। आतिशी ने कहा था कि मैंने लावारिस कुत्तों की बात की, BJP ने इसे सिख गुरुओं से जोड़ दिया। पंजाब CM भगवंत मान ने भी पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा हमेशा पंजाब व सिख विरोधी रही है। इसी वजह से वह आतिशी का बयान तोड़-मरोड़ कर दिखा रही।
जानें अब मामले में कौन क्या कह चुका


