भास्कर न्यूज | अमृतसर साका ननकाना साहिब के शहीदों की याद में शनिवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर पंथक एकता के लिए विशेष अरदास की गई, जिसमें भाई बलदेव सिंह वडाला ने सरबत खालसा के माध्यम से श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और मर्यादा बहाल करने का आह्वान किया। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जिस तरह दृढ़ अरदास से ग्वालियर किले की फतह और करतारपुर लांघा संभव हुआ, उसी प्रकार भविष्य में सिखों की धार्मिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान भी एकजुटता से होगा। वडाला ने जोर देकर कहा कि सिख पंथ को सुधारों के लिए सरकारों का मोहताज होने के बजाय पदों का लालच त्यागकर एक साझा एजेंडा अपनाना चाहिए। इस समागम में भाई सुखजीत सिंह खोसा, भाई बलदेव सिंह सिरसा और अन्य प्रमुख पंथक हस्तियों ने शिरकत की, जिसके पश्चात एकजुटता प्रकट करने हेतु जत्थों को हवारा और बल्लो (शुभकरण सिंह के पैतृक गांव) के लिए रवाना किया गया।


