पटियाला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की लगातार शिकायतों के बाद शहर की विवादित हेरिटेज स्ट्रीट को हटाने का निर्णय लिया है। इस सड़को नए तरीके से बनाया जाएगा। जिसके लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। व्यापारियों का कहना था कि इसकी वजह से नुकसान उठाना पड़ रहा है। हेरिटेज स्ट्रीट को हटाने के फैसले को पटियाला वासियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। लोगों ने इसे सरकारी धन की बर्बादी और गलत नीतियों का उदाहरण बताते हुए नए निर्माण की मांग की थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि नई सीमेंटेड सड़क बनने और ड्रेनेज सिस्टम में सुधार होने से शहर के इस महत्वपूर्ण व्यावसायिक हिस्से में ट्रैफिक की समस्या हल होगी और व्यापार को फिर से गति मिलेगी। क्या होगा अब सड़क में कांग्रेस की सरकार में इसको अमृतसर की तर्ज पर्यटन को बढावा देने के उद्देश्य से बनाया गया था। समानिया गेट से श्री हनुमान मंदिर चौक तक करोड़ों रुपये से बनी सड़क को पूरी तरह से उखाड़ा जाएगा। यहां लगे लाल पत्थरों को हटाकर 4 इंच मोटी सीमेंट की सड़क और बजरी की परत बिछाने की योजना तैयार की है, जिसका एस्टीमेट मंजूरी के लिए मुख्य सचिव कार्यालय भेज दिया गया है। डिजाइन और बनावट बनी थी मुसीबत पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई यह सड़क बनावट और डिजाइन के कारण लोगों के लिए मुसीबत बन गई थी। लोगों का आरोप है कि सड़क पर लगे पत्थर अत्यधिक फिसलन भरे थे, जिससे हल्की बारिश में भी दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे थे। पत्थरों के ऊंचे-नीचे स्तर के कारण वाहनों के टायर और सस्पेंशन खराब हो रहे थे। इससे यातायात सुगम होने के बजाय और अधिक जटिल हो गया था। दुकानों भरता था पानी, ग्राहक भी नहीं आते थे व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह प्रोजेक्ट विफल साबित हुआ। खराब जल निकासी के कारण बारिश का पानी दुकानों में घुसने लगा था। सड़क की बदहाली और आवाजाही में दिक्कतों के चलते ग्राहकों ने बाजार से दूरी बना ली, इससे दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट बिना किसी ठोस प्लानिंग के लागू किया गया था, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा था।


