बैतूल में पति की हत्या के मामले में विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) ने आरोपी पत्नी देवकी काकोड़िया को आजीवन कारावास और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह घटना वर्ष 2023 में सोनाघाटी क्षेत्र के बजरंग मोहल्ले में हुई थी, जहां देवकी ने अपने पति दिनेश काकोड़िया की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। विशेष न्यायालय ने 40 वर्षीय देवकी काकोड़िया, पत्नी स्वर्गीय दिनेश काकोड़िया, निवासी बजरंग मोहल्ला सोनाघाटी, थाना कोतवाली बैतूल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत दोषी पाया। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अजीत सिंह के अनुसार, आरोपी देवकी अपने पति दिनेश काकोड़िया, ससुर किशन काकोड़िया और बेटे अक्षय के साथ सोनाघाटी में रहती थी। पति दिनेश शराब पीकर आए दिन पत्नी से झगड़ा करता था। 2023 में हुई थी हत्या घटना 7 अगस्त 2023 की रात करीब साढ़े नौ बजे की है। मृतक दिनेश ने शराब के नशे में पत्नी से विवाद किया और कुछ देर बाद सो गया। देर रात करीब ढाई बजे पत्नी देवकी ने अपनी पीले रंग की साड़ी से पति का गला घोंट दिया। इस वारदात में एक नाबालिग सह-अभियुक्त ने भी उसका साथ दिया, जिसने मृतक के पैरों में गमछा बांधकर पकड़े रखा। सुबह मृतक का बेटा अक्षय जब उठा तो उसने पिता को अचेत अवस्था में पाया। गले पर निशान देखकर उसने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान आरोपी पत्नी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। अभियोजन की ओर से DPO सत्यप्रकाश वर्मा ने पैरवी की। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाहों के माध्यम से मामला साबित किया। न्यायालय ने आरोपी देवकी काकोड़िया को पति की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया। घटना के बाद से महिला जेल में है। मामले में सह-अभियुक्त के नाबालिग होने के कारण उसके विरुद्ध किशोर न्याय बोर्ड में पृथक से प्रकरण चलाया जा रहा है।


