पति के दम पर जीतीं महिलाएं सदन में फैसले खुद लेंगी या उनका मोहरा बनकर रह जाएंगी?

लुधियाना नगर निगम चुनाव में 50 फीसदी सीटें इस बार महिलाओं के लिए रिजर्व थीं, लेकिन 53 फीसदी यानी 51 सीटों पर महिलाओं को जीत हासिल हुई। लेकिन ये महिलाएं अपने इलाके के लिए फैसले खुद ले पाएंगी या ये भी अपने पतियों की सियासत का जरिया बनकर रह जाएंगी। ये सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि नई जीतीं 51 पार्षदों में से 21 हाउस वाइफ हैं। यानी ये महिलाएं पहली बार घर की चौखट से बाहर निकलेंगी। इतना ही नहीं, 21 पार्षद ऐसी भी हैं, जो सीनियर सेकंडरी तक ही पढ़ी लिखी हैं। इन महिलाओं में 3 पार्षद पांचवीं, 3 आठवीं, 6 दसवीं तो 9 बारहवीं पास हैं। लिहाजा इन्हें निगम की वर्किंग समझने में भी खासी मशक्कत करनी होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि इन महिला पार्षदों के पति ही ‘असली पार्षद’ होंगे। नगर निगम चुनाव में इस बार वार्डबंदी के चलते कई इलाकों में प्रत्याशियों का गणित गड़बड़ा गया था। यानी वे वार्ड पहले पुरुषों के थे, जो इस बार महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए। ऐसे में नेताओं व पार्षदों ने अपनी सियासत बरकरार रखने के लिए महिलाओं को आगे कर दिया। कुछ ने अपनी प|ी के लिए टिकट मांगा तो कइयों ने महिला रिश्तेदारों को आगे कर दिया। आप, कांग्रेस, भाजपा व अकाली दल ने इन्हें टिकट दे भी दिए। अब इनमें कई महिला प्रत्याशी जीत गई हैं। इनमें कांग्रेसी नेता सन्नी भल्ला की पत्नी दीपिका भल्ला 1702 वोटों से जीतीं हैं तो पूर्व विधायक सुरिंदर डाबर की रिश्तेदार शालू डाबर 666 वोटों से जीती हैं। वहीं भाजपा नेता इंद्र अग्रवाल की पत्नी मंजू गुप्ता व कांग्रेसी नेता पंकज शर्मा की पत्नी सोनल शर्मा भी पार्षद बनी हैं। लेकिन ये तय है कि यहां सियासत इन महिलाओं के बजाय इनके पति व रिश्तेदार ही करेंगे। महिला पार्षदों के नतीजों के कुछ रोचक तथ्य {कई जनरल सीटें ऐसी भी हैं, जहां महिला प्रत्याशी जीतीं। दो नंबर सामान्य वार्ड था। यहां से कांग्रेस की संगीता कलसी पार्षद जीती हैं। उन्होंने 1020 वोटों के अंतर से सुरिंदर सिंह को हराया है। {इस चुनाव में बागी महिला प्रत्याशियों को जनता ने नकार दिया। वार्ड नंबर 1 की प्रत्याशी दिव्या ने शिरोमणि अकाली दल छोड़ आप का दामन थामा था, लेकिन चुनाव में वे आजाद उम्मीदवार र|जीत कौर से हार गईं। {95 वार्ड में से सबसे उम्रदराज पार्षद भी महिला ही हैं। वार्ड 93 से 80 साल की भूपिंदर कौर जीती हैं, जो सबसे ज्यादा उम्र की हैं। वार्ड 63 की पार्षद मनिंदर कौर दूसरी बार जीती हैं। {महिला पार्षदों में 17 ग्रेजुएट और आठ पोस्ट ग्रेजुएट हैं। छह टीचर भी पार्षद चुनकर आई हैं। इसके अलावा चार एलएलबी धारक भी जीतने में सफल रही हैं। {8 महिला पार्षद 40 से नीचे की, सबसे कम उम्र की 31 साल की परमिंदर कौर 61 वॉर्ड का प्रतिनिधित्व करेंगी

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