झांसी में युवक को जिंदा जलाने वाले पत्नी के प्रेमी समेत 3 हत्यारों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 7 साल पहले पति ने पत्नी और उसके प्रेमी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसको लेकर विवाद हो गया। तब प्रेमी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पति को जिंदा जलाकर मार डाला था। इस केस में पत्नी भी आरोपी थी, मगर कोर्ट ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इस केस में तीनों हत्यारों पर 15-15 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है। नहीं देने पर 3-3 माह की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला मंगलवार को विशेष न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार- तृतीय ने सुनाया है। पहले इश्क हुआ, फिर पत्नी बनाकर रखा विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह और कपिल करोलिया ने बताया कि रामभुवन अहिरवार ने कोतवाली थाना में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि उसका बेटा दिलीप (36) राजमिस्त्री था। 2011 में बेटे और पत्नी रूबी का तलाक हो गया था। तभी अनीता से दोस्ती हो गई, जो प्यार में बदल गई और दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे। मगर, अनीता के मैरी गांव निवासी राजू यादव पुत्र गोविंद दास और नगरा के महावीरन निवासी नरेंद्र अहिरवार पुत्र पैज सिंह से प्रेम संबंध थे। दिलीप की अच्छी इनकम थी। अनीता घर पर झगड़ा कर पति के साथ किराए से दतिया गेट अंदर रहने लगी। मई 2017 में अनीता को राजू यादव के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उस समय नरेंद्र घर के बाहर खड़ा था। तब दोनों की बेटे के साथ कहासुनी हो गई थी। प्लानिंग की और जिंदा जला दिया कहासुनी के बाद अनीता, राजू और नरेंद्र मिलकर दिलीप को मारने की प्लानिंग करने लगे। 26 जून 2016 की रात को दिलीप अपने किराए के घर में था। तब अनीता के साथ राजू यादव, नरेंद्र अहिरवार, बड़ागांव गेट बाहर निवासी बृजकिशोर पुत्र जुगरू ने दिलीप को बुलाया और मारपीट करने लगे। दिलीप बचाने के लिए चिल्लाया तो शोर सुनकर आसपास के लोग आ गए। तभी राजू यादव ने दिलीप के ऊपर केरोसिन तेल डालकर आग लगा दी। जिंदा जलकर दिलीप की मौत हो गई थी। पुलिस ने केस दर्ज करके चारों आरोपियों को गिरफ्तार करके कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने दिलीप की हत्या में राजू यादव, नरेंद्र अहिरवार और बृजकिशोर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि संदेह का लाभ देते हुए अनीता को बरी कर दिया।


