भास्कर न्यूज | कवर्धा 13 फरवरी को जारी छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग भर्ती नियम ने शिक्षा विभाग के भीतर नई बहस छेड़ दी है। नए राजपत्र में पदोन्नति की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर एलबी संवर्ग के शिक्षकों पर पड़ सकता है। छग टीचर्स एसोसिएशन ने इसे असंतुलित और विभागीय शिक्षकों की उपेक्षा बताते हुए सरकार से तत्काल संशोधन की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि अब प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक स्कूल, शिक्षक और प्रधान पाठक प्राथमिक स्कूल के पदों को संयुक्त पदक्रम के आधार पर भरा जाएगा। अनुसूची- 2 के नियम 6 में पदोन्नति के लिए केवल ई और टी संवर्ग का उल्लेख है। इससे यह संकेत मिलता है कि एलबी संवर्ग का पृथक कैडर समाप्त कर दिया गया है। यदि ऐसा है तो पदोन्नति के लिए एकीकृत वरिष्ठता सूची तैयार होगी और तात्कालिक पदोन्नति में एलबी संवर्ग को नुकसान उठाना पड़ सकता है। बगैर दावा-आपत्ति के इसे सीधे लागू कर दिया गया: जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चंद्रवंशी के अनुसार, शिक्षा विभाग में वर्षों से कार्यरत अनुभवी और योग्य शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। सीधी भर्ती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राजपत्र के प्राथमिक प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति आमंत्रित किए बिना सीधे इसे लागू कर दिया गया जो उचित नहीं है। प्राचार्य पद के लिए विभागीय परीक्षा में बीएड की अनिवार्यता के स्थान पर प्रशिक्षित स्नातकोत्तर योग्यता का प्रावधान करने और 55 वर्ष की आयु सीमा समाप्त करने की भी मांग की गई है। साथ ही व्याख्याता और प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक स्कूल के लिए एकीकृत वरिष्ठता सूची या स्पष्ट अनुपात तय करने की आवश्यकता जताई गई है। यदि सरकार संशोधन पर विचार नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में यह असंतोष बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।


