पद्मिनी, लक्ष्मीबाई और मीराबाई की झांकियां सजाई

भास्कर न्यूज | चित्तौड़गढ़ भक्ति, शक्ति, शौर्य और पराक्रम की भूमि चित्तौड़गढ़ की धुली को हम मस्तक पर लगाते हैं। इसका वंदन करते हैं। हम अभिनंदन करते हैं भक्त शिरोमणि रैदास का, जिन्होंने समाज को समरसता का महान संदेश दिया। यह विचार शहर के संपूर्ण गांधीनगर क्षेत्र के विराट हिंदू सम्मेलन बतौर मुख्य वक्ता आरएसएस के प्रांत कार्यवाह और मुख्य वक्ता शंकरलाल माली ने व्यक्त किए। रविदास बस्ती में हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यहां समरसता महाकुंभ का दर्शन हो रहा है। आयोजन समिति की उपाध्यक्ष ममता राठौड़ ने कहा कि हम महापुरुषों की वीर माता का स्मरण करें और अपनी संतति को इसी मार्ग पर चलने को प्रेरित करें। आयोजन समिति के अध्यक्ष राधेश्याम आमेरिया ने संत रविदास के जीवन का स्मरण करते हुए एक समरस समाज का आह्वान किया। खेरी आश्रम के महामंडलेश्वर संत श्री शिवराम दास महाराज ने आशीर्वचन दिया। प्रारंभ में त्रिपोलिया हनुमानजी से भव्य शोभायात्रा और कलश यात्रा प्रारंभ हुई। जिसमें खड़ग और भगवा ध्वज लिए मातृशक्ति महारानी पद्मिनी और झांसी की रानी लक्ष्मीबाईजैसी वीरांगनाओं का स्मरण करा रही थी। मुख्य मार्ग से होते हुए शोभायात्रा विद्या निकेतन सभा स्थल पर पहुंची। रास्ते में कई जगह स्वागत हुआ। शोभायात्रा में आयोजन समिति अध्यक्ष आमेरिया, संयोजक मनीष पुरी, सह संयोजक हेमराज, दीपक वर्मा, कोषाध्यक्ष बद्रीलाल शर्मा, ईश्वर शर्मा, विक्रम सिंह, प्रचार प्रमुख केशव कालानी, दीपक राजोरा, रेनू मिश्रा, संरक्षक मदन शर्मा, बंशीधर कुमावत, खुबीराम, हरश्याम कसाना, जगदीश, श्यामसुंदर, योगेश, जगदीश शर्मा , दशरथ, मनोहर मूंदड़ा, महेश नुवाल, शंभू मीणा, ममता राठौर, महेश बसेर, मेवालाल, ओमप्रकाश लोट, गोपाल शर्मा, दीपक कसाना, हनुमान सिंह, राजेश काकरदा, कार्यकारिणी सदस्य बिहारीलाल शर्मा, विमला गट्टानी, तारावती धाकड़, सत्यनारायण चावला, देवेंद्र टेलर, मांगीदेवी, सुशीला लाड, पारसकंवर भाटी, गोविंद सोनी शामिल रहे।

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