राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान पर्यटन विभाग की पहल पर अल्बर्ट हॉल पर ‘कल्चरल डायरीज’ का तीसरा एपिसोड आयोजित किया जा रहा है। यह दो दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन 27 और 28 दिसंबर को होगा, जिसमें प्रदेश के नामी लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को अल्बर्ट हॉल पर जयपुर के प्रभुलाल मीणा और उनके साथियों द्वारा पद दंगल, अलवर के बन्ने सिंह और उनके दल द्वारा रिम भवाई, और प्रसिद्ध कथक गुरु संगीता सिंघल के निर्देशन में कथक, लोक नृत्य और फ्यूजन प्रस्तुत किए जाएंगे। यह सांस्कृतिक आयोजन राजस्थान की परंपरा, कला और नृत्य को एक मंच पर लाने का प्रयास है। राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की पहल पर पर्यटन विभाग ने ‘कल्चरल डायरीज’ नामक सांस्कृतिक श्रृंखला की शुरुआत की है। हर पखवाड़े आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के लोक कलाकारों को मंच प्रदान करना और उनकी कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि “कल्चरल डायरीज” न केवल राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देती है, बल्कि लोक कलाकारों के लिए एक मंच भी प्रदान करती है, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकते हैं। इस श्रृंखला के जरिए राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को एक नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले दर्शकों को राजस्थान की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव करने का सुनहरा मौका मिलेगा। अल्बर्ट हॉल पर होने वाला यह आयोजन लोक कलाकारों और दर्शकों के बीच एक सांस्कृतिक पुल का निर्माण करेगा।


