मंदिरों की नगरी पन्ना के सबसे प्रसिद्ध भगवान जुगल किशोर मंदिर में मुंबई के व्यापारी ने 26 किलो चांदी दान की है। यह चांदी मंदिर के गर्भगृह के मुख्य दरवाजे और साइड के छोटे दरवाजे का चांदी जड़ित की गई है। जिसके बाद अब भगवान जुगलकिशोर के दरवाजे चांदी से जड़ गए हैं। मंदिर में पूरे विधि विधान से पूजन पाठ कर दोनों दरवाजों को दानदाता ने भगवान के चरणों में समर्पित किए हैं। पन्ना के श्री जुगलकिशोर मंदिर में पहले सादा लकड़ी के दरवाजे थे। लेकिन मुंबई निवासी रुद्र प्रताप त्रिपाठी और उनके साले गोविंदा गर्ग ने भगवान के दरवाजों में चांदी जड़वाने का संकल्प लिया था। अब दरवाजे बनाकर तैयार हो गए हैं, जो मंदिर में लगा भी दिए गए हैं। मंदिर के गर्भगृह व साइड के दरवाजे में कुल 26 किलो चांदी जड़ी गई है। उक्त चांदी का दान करने वाले व्यापारी गोविंदा गर्ग निवासी मुंबई ने बताया कि उनके जीजा रुद्र प्रताप त्रिपाठी भगवान श्री जुगलकिशोर जी के बहुत बड़े भक्त हैं। जब भी हमें समय मिलता है तो हम भगवान के दर्शन करने जरूर पन्ना आते हैं। वह सतना जिले के रहने वाले हैं। जब वह मुंबई गए थे। तब उन्होंने भगवान जुगलकिशोर सरकार के दर्शन और आशीर्वाद लेकर गए थे। भगवान की कृपा से ही आज उनका व्यापार फल फूल रहा है। हमारे पास सुख शांति और समृद्धि सब कुछ किशोर जी का ही दिया है। इसलिए भगवान जुगलकिशोर के आदेश से ही उनके श्री चरणों में थोड़ा सा सहयोग करने का सौभाग्य मिला है। वहीं चांदी से जड़े मुख्य दरवाजे में राष्ट्रीय पक्षी मोर और भगवान श्री कृष्ण की छाया चित्रों को बड़ी ही बारीकी से उदयपुर के कुशल कारीगरों ने उतारा है जो अब भक्तों के लिए मंदिर में आकर्षण का केंद्र बन गया है।


