भास्कर न्यूज | अमृतसर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी की 28 फरवरी को बरनाला में प्रस्तावित रैली की तैयारियों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहरी कार्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहरी और देहाती के कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। बैठक में पंजाब कांग्रेस के सह प्रभारी सूरज ठाकुर विशेष रूप से पहुंचे। रैली की सफलता को लेकर रणनीति पर चर्चा के दौरान संगठनात्मक मजबूती और आपसी तालमेल पर जोर दिया गया। मिट्ठू के प्रधान बनाए जाने के बाद से पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाए बैठे पूर्व प्रधान अश्वनी पप्पू को भी सह प्रभारी मीटिंग में लाने में कामयाब रहे। यहीं नहीं डिप्टी सीएम ओपी सोनी और पूर्व विधायक राजकुमार वेरका भी लंबे समय बाद एक साथ नजर आए। जिससे साफ है कि ओपी सोनी ने भी मिट्ठू को प्रधान के रूप में स्वीकार कर लिया है। सह प्रभारी सूरज ठाकुर ने मिट्ठू और पप्पू को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील की। उनके निर्देश पर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया और गुलदस्ता भेंट कर सार्वजनिक तौर पर सारे गिले-शिकवे दूर करने का संदेश दिया। इस दौरान दोनों ने भविष्य में मिलकर पार्टी को मजबूत करने और राहुल गांधी की रैली को सफल बनाने का संकल्प भी लिया। हालांकि, अब देखना होगा कि प्रधान और पूर्व प्रधान का पैचअप कितनी देर टिक पाता है। बता दें कि बीते साल ही पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने कांग्रेस कमेटी शहरी और देहाती के लिए नए प्रधानों की नियुक्ति की थी। शहरी कांग्रेस के प्रधान अश्वनी कुमार पप्पू को पद से हटा कर उनके स्थान पर युवा सौरभ मदान मिट्ठू को प्रधान बनाया था। जिला शहरी कांग्रेस प्रधान मिट्ठू ने कहा कि उनके लिए पार्टी का हर नेता-वर्कर सम्माननीय है। उनके मन में किसी से कोई शिकवा नहीं है। बीते साल शहरी और देहाती कांग्रेस के प्रधानों की नियुक्तियों को न सिर्फ सिर्फ पूर्व प्रधानों बल्कि सीनियर कांग्रेसी नेताओं ने भी स्वीकार नहीं किया था। इतना ही नहीं, केंद्रीय विधानसभा से पूर्व उप मुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी, दक्षिण से इंद्रबीर सिंह बुलारिया आदि पूर्व विधायकों ने भी इस नियुक्ति पर न सिर्फ अपनी नाराजगी व्यक्त की, बल्कि ताजपोशी के अलावा जिला प्रधान की ओर से आयोजित किसी भी कार्यक्रम में भी उन्होंने अभी तक हिस्सा नहीं लिया था।


