उदयपुर के प्रतापनगर-बलीचा बाईपास पर पुरोहितों की मादड़ी से पहले शुक्रवार की रात को पुलिया ढहने के मामले में घायल युवक की मौत के बाद आज परिजनों और समाजजनों ने एमबी अस्पताल के बाहर विरोध जताते हुए पोस्टमार्ट नहीं कराने पर अड़ गए। बाद में समझाइश हुई और मुआवजा और परिवार के सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का तय हुआ। उदयपुर विकास प्राधिकरण की और से कराए जा रहे इस कार्य के दौरान रात को पुलिया का एक हिस्सा नीचे गिर गया और इंडस्ट्रीयल एरिया में एक कंपनी में नौकरी पर जा बेड़वास निवासी श्यामलाल पुत्र गोवर्धनलाल मेघवाल बाइक के साथ पुलिया गिरने से घायल हो गए। श्यामलाल को अस्पताल में भर्ती कराया और उपचार के दौरान मौत हो गई। आज दोपहर में मृतक के परिवारजन, समाज के लोग और कुछ संगठनों और कांग्रेस जन एमबी अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों को नौकरी और मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान कांग्रेस के शहर अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, पूर्व पार्षद अरुण टांक आदि मौके पर पहुंचे। राठौड़ ने कहा कि मृतक के परिवारजनों को मुआवजा और नौकरी मिलनी चाहिए। बाद में ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा भी मौके पर पहुंचे। मीणा ने भी परिवारजन और समाजनजनों की बात सुनी। बाद में प्रशासन और यूडीए के अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान तय हुआ मि मृतक के परिवारजनों को 16 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा, इसमें 11 लाख रुपए ठेका कंपनी और 5 लाख रुपए चिरंजीवी योजना के जरिए दिलाए जाएंगे। साथ ही यूडीए की और से मृतक की पत्नी को यूडीए में संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इसके बाद परिजन माने और प्रतापनगर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।


