भास्कर न्यूज | जालंधर मां बगलामुखी धाम में भक्तों ने मासिक हवन यज्ञ श्रद्धापूर्वक संपन्न किया। ब्राह्मणों ने मुख्य यजमानों से वैदिक रीति से पूजन करवाकर हवन में आहुतियां डलवाईं। धाम संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने कहा कि संसार परिवर्तनशील है- न यौवन, न धन-संपत्ति, न पद-प्रतिष्ठा और न ही दुख-सुख स्थायी हैं। काले केश श्वेत होते हैं, शक्ति क्षीण होती है और वैभव बदल जाता है, इसलिए अहंकार व्यर्थ है। जैसे सावन व बसंत सदा नहीं रहते, वैसे ही विपत्ति भी स्थायी नहीं होती; धैर्य और विश्वास बनाए रखें। उन्होंने समभाव का संदेश देते हुए कहा कि सुख में अहंकार नहीं, दुख में निराशा नहीं। सच्चा धन अच्छे कर्म, सेवा, प्रेम और ईश्वर स्मरण है। समय रहते सत्कर्म कर जीवन सार्थक बनाएं। यहां श्वेता भारद्वाज, निर्मल शर्मा, राकेश प्रभाकर, अमरेंद्र कुमार शर्मा, जानू थापर, विनोद कुमार, ऋषभ कालिया, रिंकू, प्रशांत, वरुण अरोड़ा मौजूद रहे।


