इंदौर में एमबीए छात्रा की नृशंस हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी पीयूष धामनोदिया के मंदसौर स्थित पैतृक मकान पर बुधवार को भी ताला लटका रहा। कालाखेत रोड स्थित ‘शिवकृपा’ मकान चौथे दिन भी बंद मिला। घटना के बाद से ही आरोपी के परिजन इंदौर में डेरा डाले हुए हैं। हालांकि, मकान के नीचे किराए पर दी गई इलेक्ट्रॉनिक दुकान खुली रही। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि घटना के बाद से परिवार शहर से बाहर है। इंदौर पुलिस के बुलावे पर वे तुरंत वहां पहुंचे थे और गिरफ्तारी के बाद भी वहीं हैं। कालाखेत रोड स्थित यह मकान पीयूष का मूल निवास है। मकान के नीचे बनी दुकान पिता ने करीब 7 हजार रुपये महीने किराए पर दे रखी है। इकलौता बेटा है पीयूष, कम बोलता था पीयूष परिवार का इकलौता बेटा है। परिवार में माता-पिता और दो बहनें (एक बड़ी, एक छोटी) हैं। पिता प्रॉपर्टी का व्यवसाय करते हैं। पड़ोसियों के अनुसार, पीयूष का परिवार व्यवहारिक है, लेकिन उसका स्वभाव अलग था। वह कम बोलता था और लोगों से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। जब भी इंदौर से मंदसौर आता, घर में ही रहता था। आखिरी बार उसे दिवाली पर देखा गया था। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। कलेक्टोरेट से निकली थी बर्थडे पार्टी के लिए जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी को छात्रा आधार कार्ड ठीक कराने की बात कहकर पिता के साथ घर से निकली थी। पिता ने उसे कलेक्टोरेट के पास छोड़ा। वहां से उसने अपनी छोटी बहन को फोन कर बताया कि वह क्लासमेट पीयूष के साथ बर्थडे पार्टी में जा रही है और रात 11 बजे तक लौट आएगी। ग


