परिवार ने ट्रेन का करवाया था टिकट, लौटी बस से:LPG टैंकर ब्लास्ट में प्रतापगढ़ निवासी विनीता गई जान; भोई को फोन पर बताई थी घटना की पूरी बात

जयपुर LPG टैंकर ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे युवती सहित 2 और लोगों ने बुधवार को सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इसी के साथ पिछले चार दिन में मरने वालों की संख्या 17 हो गई है। इसमें एक पूर्व IAS भी शामिल हैं। जयपुर-अजमेर हाईवे पर 20 दिसंबर की सुबह करीब पौने छह बजे हादसा हुआ था। बुधवार सुबह करीब 4 बजे विनीता (22) प्रतापगढ़ (राजस्थान) निवासी और सुबह करीब साढ़े नौ बजे विजेंद्र (36) पावटा (जयपुर) के पास भुरीबड़ाज निवासी ने दम तोड़ दिया है। विजेता और विजेंद्र क्रमश: 70-70 प्रतिशत झुलसे थे। गंभीर रूप से झुलसे 16 मरीजों का अभी सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल के बर्न वॉर्ड में इलाज चल रहा है। दोनों की बॉडी SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवा गई। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दी गई। विनीता के शव को रिसीव करने के दौरान उनके पिता रामचंद्र, भाई राकेश मेहरड़ा परिवार के सदस्य मायूस दिखाई दिए। सब लोगों की मायूसी इस बात की थी घर की बेटी जो शिक्षक बनने का सपना देख रही थी वह अब इस दुनिया में नहीं रही। विनीता के पिता रामचंद्र ने बताया- हमें उम्मीद थी की 70 प्रतिशत तक झुलसने के बाद भी विनीता बच जाएगी क्योंकि उसका ऑक्सीजन लेवल सही चल रहा था। परिवार सहित सभी लोग दुआएं कर रहे थे कि विनीता की जिंदगी बच जाए, लेकिन विनीता हमें छोड़कर चली गई। पिता ने बताया- विनीता जयपुर रहकर एलबीएस कॉलेज से बीएड की तैयारी कर रही थी। विनीता की बड़ी बहन और उससे छोटी बहन, तीनों जयपुर रहकर पढ़ाई कर रही थी। पिता ने बताया कि वह खुद शिक्षक है। उसकी खुद की जिद थी कि मुझे शिक्षक बनना है। इसके लिए उसको पहले एसटीसी करवाई थी एसटीसी करवाने के बाद वह बीएड कर रही थी। उन्होंने बताया- अपने करियर को दिशा देने के लिए वह उदयपुर परीक्षा देने के लिए गई थी। विनीता के भाई राकेश मेहरड़ा ने बताया कि विनीता की हमने उसके जाने और आने की ट्रेन की टिकट करवा रखी थी। हमने जयपुर से उदयपुर और उदयपुर से जयपुर ट्रेन की टिकट करवाई थी। वह जयपुर से ट्रेन हीउदयपुर गई थी। अगले दिन उदयपुर से ट्रेन से ही उस जयपुर आना था, लेकिन ट्रेन सुबह 6 बजे थी। लेकिन वह कॉलेज परीक्षा से फ्री शाम 6 बजे हो गई। इसलिए उसने सोचा की रात में यहां रुकने से पढ़ाई खराब होगी, तो वह शाम को ही वहां से बाय बस से उदयपुर से रवाना हो गई और बीच में यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया- वह बहुत हिम्मत वाली थी। पहले उसने पापा को फोन किया था, फिर मुझे फोन लगाया। उसने फोन पर पूरी स्टोरी बताई कि कैसे ब्लास्ट हुआ। उसे 200 फीट पर उतरना था इस लिए वह बस के केबिन में खड़ी थी। ब्लास्ट उसकी आंखों के सामने हुआ था। जैसे ही ब्लास्ट हुआ वह बस से कूदी और फिर पैदल ही दौड़ लगाई। जिसके बाद थोड़ी दूरी पर जाकर वह गिर गई। जहां पास ही कोई व्यक्ति ने उसकी मेरे से फोन पर बात करवाई। उस समय में पास ही श्रीमाधोपुर था। उसने उस वक्त मुझे पूरी घटना बताई जिसके बाद मैंने उसे खुद यहां एडमिट करवाया। बता दें कि विनीता ने कक्षा 8वीं तक प्रतापगढ़ से ही पढ़ाई की। इसके बाद 12वीं तक की शिक्षा सीकर से की। इसके बाद की पढ़ाई विनीता जयपुर से ही कर रही थी।

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