जयपुर| पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम और मंत्री मदन दिलावर बार-बार डोटासरा से उलझते रहे। डोटासरा ने कहा कि सीएम ने दिलावर की अध्यक्षता में परिसीमन के लिए कैबिनेट सब कमेटी बनाई थी। लेकिन परिसीमन का काम सारा ओटीएस में बैठकर राजेंद्र राठौड़ और अरुण चतुर्वेदी ने किया। दिलावर तो अपने इलाके की एक पंचायत का परिसीमन नहीं करा पाए। इस पर हरलाल सहारण ने टोका, तो डोटासरा बोले- आप तो मेरे साढ़ू हो। राठौड़ की बात आए तो आप चुप कैसे रह सकते हो। क्या हुआ यूडीएच मंत्री के वन स्टेट वन इलेक्शन के नारे का? कोर्ट ने कहा 15 अप्रैल तक चुनाव कराओ तो सुप्रीम कोर्ट गए हो और कह रहे हो कि हम नवंबर से पहले चुनाव कराने में सक्षम नहीं है? डोटासरा ने मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को कहा कि आप उदास मत रहो, मैं आपके साथ हूं। यह बात तो समझ में आ गई कि डॉ किरोड़ी को थकाना है, छकाना है,इसके लिए दिलावर को पीछे लगा रखा है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि जब एसआईआर हो गया तो पुराने लिस्ट से पंचायत चुनाव करवाना क्यों चाहते हो।


