झारखंड के पलामू में नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के 350 करोड़ रुपए के भवन निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गुरुवार को राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर इस मामले में शिकायत पत्र सौंपा। राज्यपाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया है। विश्वविद्यालय के भवन निर्माण पर अब तक 125 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। 11 फरवरी को वित्त मंत्री द्वारा किए गए निरीक्षण में कई गंभीर खामियां पाई गईं। प्रशासनिक और शैक्षणिक भवन में लगाए गए खिड़की-दरवाजे मानकों के अनुरूप नहीं हैं। शैक्षणिक भवन की खिड़कियों में ग्रिल नहीं लगाई गई है, जो सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है। कुलसचिव शैलेश कुमार मिश्रा के अनुसार, निर्मित भवन में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रशासनिक और शैक्षणिक भवन का हैंडओवर ले लिया है। पेयजल सुविधा न होने के कारण कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा भवन की दीवारों में दरारें भी आ गई हैं। वित्त मंत्री ने कुलसचिव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना पेयजल सुविधा और अन्य आवश्यक सत्यापन के भवन का हैंडओवर लेना संदेहास्पद है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप है या नहीं। राज्यपाल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


