होली के त्योहार पर यात्रियों की भीड़ संभालने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने कोटा मंडल को बड़ी राहत दी है। मंडल से गुजरने वाली तीन लंबी दूरी की विशेष ट्रेनों के संचालन और अतिरिक्त फेरों की घोषणा की गई है। इससे राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार रूट के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान कन्फर्म टिकट की समस्या कम करने के उद्देश्य से यह विशेष प्लान तैयार किया गया है। पुणे से चलकर हजरत निजामुद्दीन जंक्शन जाने वाली साप्ताहिक विशेष ट्रेन 27 फरवरी और 6 मार्च को संचालित होगी। यह ट्रेन शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी और भरतपुर जंक्शन पर ठहरेगी। वापसी में यह ट्रेन 28 फरवरी और 7 मार्च को निजामुद्दीन से रवाना होगी। ट्रेन में एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी सहित 20 कोच लगाए गए हैं। होली पर अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए गांधीधाम–भागलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन के 4-4 अतिरिक्त फेरे 30 मार्च तक बढ़ाए गए हैं। यह ट्रेन पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही चलेगी और कोटा मंडल के प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इसी तरह हावड़ा–खातीपुरा होली विशेष ट्रेन के भी 2-2 फेरे घोषित किए गए हैं, जो भरतपुर जंक्शन होते हुए संचालित होगी। इस ट्रेन में कुल 22 डिब्बे लगाए गए हैं। भीड़ कंट्रोल और लंबी दूरी के यात्रियों को सीधी राहत होली के दौरान उत्तर भारत रूट पर हर साल ट्रेनों में टिकट वेटिंग 200 के पार पहुंच जाना आम बात है, ऐसे में कोटा मंडल से गुजरने वाली इन विशेष ट्रेनों से दिल्ली–राजस्थान–बिहा र–महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अतिरिक्त कोच जोड़ने से एक ट्रेन में औसतन 1200 से ज्यादा यात्रियों को सीट मिलने का रास्ता खुलेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि त्योहार सीजन में भीड़ नियंत्रित करने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे की यह रणनीति भविष्य के लिए ट्रायल मॉडल साबित हो सकती है, जिसे आगे अन्य रूट पर भी लागू किया जा सकता है।


