22 अप्रैल को बंगाल के झालदा के रहने वाले IB अधिकारी मनीष रंजन को पहलगाम में आतंकियों ने गोली मार दी। अब भारत की ओर से किए एक्शन से मनीष रंजन के परिजन खुश हैं। हालांकि, मनीष की पत्नी घटना के 15 दिनों बाद भी सदमे में हैं। मनीष रंजन के भाई राहुल रंजन ने कहा कि ‘भारत सरकार की कदम सराहनीय है, लेकिन जितना एक्शन बाहर के आतंकवाद पर लिया गया है, उतना ही एक्शन इंटरनल आतंकवाद भी होना चाहिए।’ उन्होंने कि ‘यह तो शुरुआत है। आतंकवाद फैलाने वाले या समर्थन करने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। किसी तरह की घटना के बाद पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हैं, उन्हें तलाश कर आतंकवाद की श्रेणी में रखा जाए और चुन-चुन कर मार गिराया जाए। वह कहते हैं घर के दुश्मन ही ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। आज भी सदमे में है मनीष रंजन की पत्नी राहुल रंजन ने बताया कि 15 दिनों पहले पहलगाम की घटना हुई थी, लेकिन भाभी आज भी सदमे से बाहर नहीं निकल सकी है। जब भी तस्वीर देखती है या फिर घटना का जिक्र सुनती है तो डर जाती है। चिल्लाने लगती है। भाभी (जया मिश्रा, मनीष रंजन की पत्नी) डॉक्टर की देखरेख में है। अब भी उनका ब्लड प्रेशर बढ़ जा रहा है। परिवार के लोगों से भी अधिक बात नहीं कर पा रही हैं। पत्नी की इच्छा- प्रयागराज में मिल जाए पोस्टिंग विभागीय स्तर पर नौकरी देने को लेकर प्रक्रिया शुरू की गई है। लेकिन उनका कहना है कि हैदराबाद में पोस्टिंग होने के काम नहीं कर पाएंगी। वहां से यादें जुड़ी हुई हैं, संभव नहीं है कि वह वहां रह सके, इस लिए उनकी पोस्टिंग प्रयागराज में हो। मनीष के भाई राहुल बताते हैं कि प्रयागराज में भाभी का मायका है। वहां अपने माता-पिता के साथ रह सकती हैं। बच्चे अभी छोटे हैं। उनकी पढ़ाई-लिखाई भी हो सकेगी। झालदा जगह भी छोटा है। यहां पढ़ाई-लिखाई की अच्छी व्यवस्था नहीं है। झालदा में पापा मंगलेश मिश्रा की बायपास सर्जरी हुई है। यहां भी देखभाल संभव नहीं हो पाएगा। मनीष के भाई राहुल बताते हैं भाभी जया मिश्रा अंग्रेजी और सोशियोलॉजी में मास्टर्स हैं। बी.एड भी किया है। सीटेट पास हैं। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में रहने के दौरान स्कूल में बतौर टीचर काम कर चुकी हैं। ऐसे में उनकी इच्छा है कि प्रयागराज में पोस्टिंग मिल जाए। गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की है इच्छा परिजनों का कहना है कि आगामी 10 मई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह झारखंड आ रहे हैं। अगर उनसे एक मिनट के लिए मिलने का समय मिल जाता तो परिवार वाले उनके आग्रह कर पाते। उन्होंने यह भी बताया कि गृह राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने भी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।
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आतंकियों ने कलावा देखकर बिहार के मनीष को मारा था:पहलगाम अटैक में मारे गए IB अफसर के भाई बोले- लास्ट मैसेज था,’REACHED SAFELY’ REACHED SAFELY….यही वो लास्ट मैसेज था जिसे कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों के हाथ मारे गए बंगाल के झालदा के रहने वाले मनीष रंजन ने अपने छोटे भाई राहुल रंजन को भेजा था। वॉट्सऐप पर इस मैसेज को दिखाते हुए राहुल रंजन का गला रूंध जाता है। घटना की जानकारी देते हुए कई शब्द मानो गले से फूटते ही नहीं।
वह बताते हैं हमने पूरे परिवार के साथ मिल कर वैष्णव देवी जाने की प्लानिंग की थी। इसके बाद श्रीनगर और आसपास घूमना था। भैया (मनीष) हैदराबाद में भाभी और दो बच्चों के साथ रहते थे तो उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली चला आऊंगा फिर वहां से हम सभी मिल कर साथ चलेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…


