नगर निगम की ओर से गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब से शगुन पैलेस तक नाले पर बनी 2 किमी सड़क पर 12 वेंट शाफ्ट(चिमनी) लगाने की योजना है। इस पर 7.17 लाख की लागत आएगी। लेकिन, सड़क निर्माण के दौरान ये कार्य नहीं किया गया। अब दोबारा से सड़क खोदकर इसे लगाया जाएगा। इससे शहरवासियों को आवाजाही में परेशानी होगी। 26 अप्रैल को पुराने शहर में नाले पर बनी सड़क पर वेंट शाफ्ट (चिमनी) स्थापित करने की परियोजना का शुभारंभ किया गया। अफसरों का कहना है कि इस परियोजना से वायु प्रवाह को बनाए रखने और जहरीली गैसों के निर्माण को रोकने में मदद मिलेगी। सवाल ये है कि इस सड़क का निर्माण कुछ समय पहले ही किया गया था लेकिन तब अफसरों को ये ध्यान नहीं आया कि जहरीली गैस उत्पन्न होने से हादसा हो सकता है। उस दौरान भी सड़क खुदाई में शहरवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा था और अब दोबारा से इस कार्य के लिए सड़क को खोदा जाएगा। कांग्रेस नेता मांगा शर्मा का कहना है कि एक ही टेंडर में सभी कामों का प्रावधान होना चाहिए ताकि बार-बार सड़क खुदाई न हो। आप विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि वेंट शाफ्ट की स्थापना से ढके हुए नाले के नीचे हवा का प्रवाह बनाए रखने में मदद मिलेगी और जहरीली गैसों के निर्माण को रोकने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समयावधि में पूरा करने का निर्देश दिया गया है।


