पहले भी की थी शिकायत लेकिन नहीं हुई कार्रवाई

कबीरधाम में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि शिक्षा सत्र 2025- 26 और इससे पहले के सत्रों में कुछेक निजी स्कूलों ने पोर्टल में गलत जानकारी दर्ज करा आरटीई सीटों में हेरफेर की गई है। मामला अब सीधे प्रशासन की साख से जुड़ गया है। युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी और साथी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर गोपाल वर्मा को लिखित आवेदन सौंपकर अनियमितता का आरोप लगाया है। शिकायत में साफ कहा गया है कि बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत गरीब और वंचित बच्चों को मिलने वाले अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया। शिकायत करने वालों में भुनेश्वर पटेल, मेहुल सत्यवंशी, नरेंद्र वर्मा और राजा झरिया शामिल रहे। दो बड़े स्कूल के नाम का उल्लेख करते हुए शिकायत की गई है। साथ ही उन स्कूलों के हैबिटेशन (निवास) का प्रमाण भी दिए हैं। दोनों स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में संचालित हैं। आरटीई प्रवेश के समय पोर्टल पर गलत हैबिटेशन कोड दर्ज कर इसे कवर्धा (शहरी क्षेत्र) में दर्शाया गया है। लोकेशन ही गलत दिखाई तो पात्र बच्चों का चयन किस आधार पर किए? जांच की जाए। आरटीई में प्रवेश क्षेत्रवार प्राथमिकता के आधार पर होता है। यदि ग्रामीण स्कूल को शहरी दिखाया गया, तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को मौका नहीं मिला होगा। इससे निष्पक्षता पर सवाल खड़ा होता है। बताया गया कि 19 अगस्त 2025 को भी जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत दी गई थी। बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।

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