पन्ना पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पवई और देवेंद्रनगर इलाके में घेराबंदी कर 5 तस्करों को दबोचा है, जो उड़ीसा से तस्करी कर गांजा ला रहे थे। इनके पास से करीब 17 किलो 720 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत साढ़े तीन लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। पाइप और झाड़ू के हैंडल में छिपाया गांजा पकड़े गए तस्कर बेहद शातिर तरीके से गांजे की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस को चकमा देने के लिए उन्होंने गांजे को स्टील के पाइपों, खाने के डिब्बों, झाड़ू के हैंडल और पानी की बोतलों में ठूस-ठूस कर (कम्प्रेस करके) भरा था। पवई में पकड़े गए आरोपी तो बाकायदा स्टील के पाइप लेकर बस का इंतजार कर रहे थे, ताकि किसी को शक न हो कि इन पाइपों के अंदर नशा छिपा है। अलग-अलग इलाकों में पुलिस की घेराबंदी पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देश पर चली इस कार्रवाई में पुलिस ने दो जगह घेराबंदी की। पवई बायपास: यहां से मुखबिर की सूचना पर रामगोपाल और महेंद्र पटेल (निवासी छतरपुर) को पकड़ा गया। इनके पास मौजूद पाइपों से 8 किलो गांजा निकला। देवेन्द्रनगर: यहां सुंदरा तिराहे पर एक बस की तलाशी ली गई, जिसमें ब्रजेश निषाद (यूपी), पवन और भुमन पटेल (छतरपुर) को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 9 किलो से ज्यादा गांजा मिला। 60 दिनों में 1 क्विंटल गांजा बरामद पन्ना पुलिस पिछले दो महीनों से नशे के सौदागरों के लिए काल बनी हुई है। एसपी ने बताया कि पिछले 60 दिनों में पुलिस ने 7 बड़े मामले दर्ज कर 15 तस्करों को जेल भेजा है। इस दौरान अब तक करीब 1 क्विंटल (95 किलो से अधिक) गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपए है। इस कार्रवाई में पवई थाना प्रभारी सुशील अहिरवार, देवेन्द्रनगर प्रभारी संतोष यादव और सायबर सेल की टीम की मुख्य भूमिका रही। सभी आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।


