यह तस्वीर कडरू से मेन रोड जाने वाले रास्ते में स्थित एक पांच सितारा होटल से ठीक पहले की है। यहां से गुजर रही हरमू नदी के ऊपर से जलापूर्ति पाइपलाइन गई है। यह डिस्ट्रीब्यूशन लाइन है, लेकिन मेन रोड जाने वाली मेन पाइपलाइन है। इस पाइप के चारों ओर इतने छेद हैं कि उन्हें गिनना भी मुश्किल है। सबसे बड़ी बात है कि पाइप में छेद करके पानी का कनेक्शन करीब 500 मीटर दूर तक ले जाया गया है। पाइप के निचले हिस्से में भी छेद करके कनेक्शन जोड़ा गया है। इसके बाद जलापूर्ति पाइप को हरमू नदी के गंदे पानी और कचरा के बीच से बस्ती में ले जाया गया है। पाइप में लीकेज होने की स्थिति में गंदा पानी घरों तक पहुंचेगा। इससे बीमारियां फैलने का भी खतरा है। कितने वैध-अवैध, इसकी जांच तक नहीं सुजाता सिनेमा हॉल से पहले स्थित घनी बस्ती और आसपास के होटल व घरों में इसी पाइप से पानी ले जाया गया है। इस लाइन में पानी का प्रेशर अच्छा रहता है, इसलिए कई लोगों ने अवैध कनेक्शन ले लिया है। सबसे बड़ी बात है कि इस इस पाइप से लिए गए कितने कनेक्शन वैध है और कितने अवैध, इसकी जांच तक नहीं हुई है। इस वजह से निगम के पास इसका पूरा रिकॉर्ड नहीं है। जबकि, कनेक्शन लेने वाले कई घरों में पानी का मीटर तक नहीं लगा है। एक ओर जिनके घर में पानी का वैध कनेक्शन है, उनको पानी नहीं मिल रहा है। ऊपर से इन लोगों को निगम ने 10 से 20 हजार रुपए बकाये का बिल भेज दिया है। पाइप के ऊपरी हिस्से से ही कनेक्शन का नियम पानी का कनेक्शन लेने के लिए नियम बना हुआ है। कनेक्शन के लिए पाइप के ऊपरी हिस्से में ही छेद कर सकते हैं। पाइप में जहां-तहां छेद नहीं किया जा सकता। कडरू से गुजर रही पाइप डिस्ट्रीब्यूशन लाइन है। नगर निगम द्वारा कनेक्शन दिया गया है। इसमें कितने वैध हैं या अवैध, यह तो जांच के बाद ही पता चल सकता है। हालांकि, जब लीकेज होता है तो उसकी मरम्मत पेयजल प्रमंडल कराता है। – चंद्रशेखर, ईई, बूटी प्रमंडल


