पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के निपानिया गांव में बुधवार को बालू लदे दो ट्रैक्टरों की टक्कर में एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने दोनों ट्रैक्टरों को कब्जे में ले लिया है और अवैध बालू खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मजदूरी कर रही थी परिवार का सहारा मृत बच्ची की पहचान पाकुडीह गांव निवासी रूपलाल पहाड़िया की बेटी सुनीता पहाड़िन के रूप में हुई है। वह चार बहनों में तीसरे नंबर पर थी। पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई के बाद सुनीता परिवार की आर्थिक तंगी को देखते हुए मजदूरी करने लगी थी। बुधवार को वह बालू घाट से लौटते समय एक ट्रैक्टर (JH 17U 8670) में सवार थी। पीछे से आई मौत की ट्रैक्टर ग्रामीणों के मुताबिक, बालू घाट से लौटते वक्त सुनीता जिस ट्रैक्टर में बैठी थी, उसे एक अन्य ट्रैक्टर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। झटके से सुनीता सड़क पर गिर गई और उसी ट्रैक्टर का पिछला पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में सुनीता को फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी अनूप रौशन भेंगरा दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सोनाजोड़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया। अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग घटना के बाद निपानिया और आसपास के ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी घाटों से लगातार अवैध तरीके से ट्रैक्टरों से बालू ढोया जा रहा है। इस वजह से हादसे आम हो गए हैं, लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। ग्रामीणों ने दोनों ट्रैक्टरों को कब्जे में लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल ग्रामीणों का कहना है कि बालू माफियाओं को स्थानीय प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, तभी तो आए दिन ट्रैक्टरों की आवाजाही से सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं और हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।


