पाठ्यक्रम में शामिल होगी मां नर्मदा की सम्पूर्ण जानकारी:शिक्षा मंत्री बोले- यह एमपी की प्राणरेखा; नर्मदापुरम में एक लाख दीपकों से धारा जगमगाई

नर्मदापुरम में रविवार को मां नर्मदा जयंती और शहर का गौरव दिवस एक साथ मनाया गया है। मुख्य कार्यक्रम सेठानी घाट पर जल मंच हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने पत्नी राव मंजू सिंह ने मां नर्मदा का पूजन अभिषेक किया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीताशरन शर्मा, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, विधायक विजयपाल सिंह राजपूत, विधायक प्रेम शंकर वर्मा, विधायक ठाकुरदास नागवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला ने भी जल मंच से पूजन की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल रूप से जुड़े। उन्होंने नर्मदा लोक कॉरिडोर का भूमिपूजन किया और भोपाल चौराहे पर हुए सौंदर्यीकरण के कार्यों और नर्मदा प्रतिमा का अनावरण लोकार्पण किया। पोस्ट ऑफिस घाट से 1 लाख से ज्यादा दीपकों को छोड़ा गया, जिससे नर्मदा की अविरल धारा दीपकों की रोशनी से जगमगा उठे। सुरक्षा के लिए 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। 7 फीट ऊंची नर्मदा की प्रतिमा स्थापित
शहरवासियों को भोपाल चौराहे के सौंदर्यीकरण की सौगात मिली। यहां रेड स्टोन की 7 फीट ऊंची छतरी पर हार्ड फाइबर से बनी मां नर्मदा की प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा के पास 9 फीट ऊंचा और 5 फीट चौड़ा स्टेनलेस स्टील का त्रिशूल लगाया गया है, जिसमें डमरू भी है। इसे 25 फीट की ऊंचाई पर खड़ा किया गया है। त्रिशूल का वजन लगभग 2 क्विंटल है और इसकी लागत करीब सवा लाख रुपए है। चौराहे को राजस्थानी धौलपुरी पत्थर से सजाया गया है और एक स्वागत दीवार भी बनाई गई है, जिस पर शहर का नाम उकेरा गया है। मां नर्मदा मप्र की प्राणवायु, पाठ्यक्रम में करेंगे शामिल
स्कूली पाठ्यक्रम में नर्मदा के विषय को शामिल करने के सवाल पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा मां नर्मदा मध्यप्रदेश की प्राण रेखा है। हमारे लिए प्राण वायु के लिए कार्य कर दिए। नर्मदा के बारे में बच्चों को जितना अधिक पता हो, उनके भविष्य, जीवन के लिए उपयोगी होगा। हम नदियों के बारे में पाठ्यक्रम में पूर्व से विस्तार देने का कार्य कर रहे हैं। जब स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण चीजें शामिल होंगी। मां नर्मदा से बढ़कर हमारे जीवन में कुछ महत्वपूर्ण नहीं है। उनको भी हम समाहित करेंगे। हमने भगवान परशुराम को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। हम धर्म, पर्यावरण, परिवहन समेत ऐसी चीजें, जो बच्चों के जीवन में उपयोगी है। उन सभी को शामिल करने का कार्य हम कर रहे है। मछलियों के चारे का काम करेंगे आटे के दीपक
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शाम को नर्मदा नदी में प्लास्टिक या डिस्पोजल के बजाय आटे और पत्तों से बने करीब 1 लाख दीपक छोड़े गए। ये आटे के दीपक मछलियों के लिए खाने का काम भी करेंगे। पिछले 8 दिनों से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, जेल के कैदी, सामाजिक संगठन और दिव्यांग बच्चे इन दीपकों को तैयार कर रहे थे। जिलाध्यक्ष के लिए आरक्षित नहीं की सीट, नपाध्यक्ष के साथ की पूजन
जल मंच पर मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह, उनकी पत्नी के साथ लोकसभा सांसद, दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक डॉक्टर सीताशरन शर्मा, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह राजपूत, विधायक प्रेम शंकर वर्मा, विधायक ठाकुरदास नागवंशी और नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव के पूजन के लिए आसान लगे पटिया पर बैठ गए। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला भी मंच पर पहुंचीं। उनके बैठने के लिए पटिया लगा आसान नहीं लगा था, जिससे मंच पर भाजपा जिलाध्यक्ष शुक्ला पीछे चली गईं। विधायक प्रतिनिधि महेंद्र यादव, सीएमओ हेमेश्वरी पटले से जगह आरक्षित नहीं होने पर चर्चा की, जिसके बाद तत्काल नपाध्यक्ष नीतू यादव उठीं और पटिया लगा आसान उन्होंने हटाया। फिर जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला को उन्होंने बुलाकर आसान लगाकर दोनों एक साथ बैठे। फिर एक ही थाली से भाजपा जिला अध्यक्ष शुक्ला और नपाध्यक्ष नीतू यादव ने पूजन की। शोभायात्रा, महाअभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
सुबह 11 बजे मां नर्मदा प्रकटोत्सव का कार्यक्रम नित्य आरती समिति और प्राचीन श्री नर्मदा मंदिर आयोजित किए गए। दोपहर 3:30 बजे मां नर्मदा मंदिर से मोरछली चौक होते हुए सेठानी घाट तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शाम 5:30 बजे जलमंच पर धर्माचार्य पंडित सोमेश परसाई ने महाअभिषेक कराया। इसके बाद आतिशबाजी और दीपदान हुआ। शाम 7:30 बजे भोपाल के फूल सिंह माडरे बुंदेली लोक गायन और रात 8:30 बजे मुंबई की माधवी मधुकर झा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी। सतरंगी रोशनी से सजा सेठानी घाट
उत्सव को लेकर सेठानी घाट समेत सभी घाटों की साफ-सफाई और रंग-रोगन किया गया है। घाट सतरंगी रोशनी (इंद्रधनुषी छटा) से जगमगा रहे हैं और प्रमुख चौराहों पर विद्युत सजावट की गई है। शनिवार को मंगलाचरण के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई थी। रविवार सुबह से ही नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल और भोपाल सहित अन्य जिलों से आए श्रद्धालुओं का स्नान-पूजन का सिलसिला जारी है।

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