विजय सोनी | बांसवाड़ा जिले में एक तालाब ऐसा भी है, जहां मछलियों को पकड़ना मना है। यह नियम सरकार या पुलिस ने नहीं बल्कि लोगों ने खुद लागू किया हुआ है। लोग यहां मछलियों को नियमित दाना डालते और तालाब के किनारों पर सफाई भी करते हैं। इससे मछलियों की संख्या लगातार बढ़ती रही है। तलवाड़ा गांव में 1200 साल पुराने अभय हनुमान मंदिर के समीप स्थित पातेला तालाब में लंबे समय से यह परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालु मंदिर दर्शन करने आते हैं तो मछलियों का प्रिय आटा, बिस्किट आदि अवश्य लाते हैं और तालाब में डालते हैं। सप्ताह में तीन दिन शनिवार, सोमवार और मंगलवार को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है। मंदिर के पुजारी शांतिलाल शर्मा कहते हैं, लोग किनारे पर खड़े होकर तालाब में आटा-बिस्किट डालते हैं। मछलियों के झुंड जब दाना खाने आते हैं तो खासकर बच्चे खूब आनंदित होते हैं। हालांकि तालाब में मछली पकड़ने पर रोक का कोई लिखित प्रतिबंध नहीं है लेकिन श्रद्धा और आस्था के चलते लोग इसका पालन करते हैं।


