बड़वानी के पानसेमल में जय भीम दलित शक्ति संगठन ने 1 जनवरी 2026 को ‘शौर्य दिवस’ मनाया। स्थानीय भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर पार्क में सुबह 11:30 बजे हुआ। इस दौरान सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। दलित संगठनों द्वारा यह शौर्य दिवस भीमा कोरेगांव की लड़ाई की याद में मनाया जाता है। 1 जनवरी 1818 को हुए इस युद्ध में दलित सैनिकों ने पेशवा सेना पर विजय हासिल की थी। इसे दलित स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक माना जाता है।
बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर हुआ माल्यार्पण आयोजन के दौरान, पार्क में स्थापित बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने आगामी कार्यक्रमों और उनके उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। जय भीम दलित शक्ति संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ. सुनील बागले ने बताया कि इस अवसर पर समाजजनों ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शिक्षा और संगठन के माध्यम से आगे बढ़ने का संकल्प लिया और शहीदों को याद किया। समाज के वरिष्ठजनों का हुआ सम्मान यह आयोजन दलित समुदाय के लिए समानता, न्याय और आत्म-सम्मान का प्रतीक है। भीमा कोरेगांव में महार सैनिकों ने ईस्ट इंडिया कंपनी में शामिल होकर पेशवाओं पर बहादुरी से विजय प्राप्त की थी। इस स्मृति में समाजजनों और युवाओं ने बाबा साहेब अंबेडकर को नमन किया और समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया।


