पानीपत में मजदूरों ने पुलिस पर पथराव किया:फोर्स ने लाठीचार्ज कर खदेड़े, एक व्यक्ति का हाथ टूटा; रिफाइनरी रोड जाम करके बैठे थे

पानीपत में रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूरों ने बुधवार को फिर पुलिस पर पथराव कर दिया। मजदूरों ने सुबह रोड पर जाम लगाया था। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और भीड़ भड़क गई। पुलिस फोर्स ने भी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया। इस दौरान एक व्यक्ति का हाथ भी टूट गया। मजदूरों का कहना है कि प्रशासन ने उनकी 8 घंटे की ड्यूटी समेत अन्य मांगें मान ली थीं। अब उनकी मांग है कि इन मांगों को पूरी रिफाइनरी में बोर्ड पर लिखवाया जाए। साथ ही, जो ठेकेदार इसका पालन न करे, उसके खिलाफ FIR दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। दोपहर तक माहौल तनावपूर्ण रहा। इसके बाद IOCL के अधिकारियों ने अपने लैटर हेड पर लिखित में आश्वासन दिया, जिसके बाद मजदूर मान गए। वह कल से काम पर लौटेंगे। इससे पहले, 23 फरवरी को भी मजदूरों ने रिफाइनरी में सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया था। साथ ही गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी। माहौल शांत करने के लिए CISF ने 2 हवाई फायर भी किए थे। सदर थाने में ढाई हजार अज्ञात मजदूरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। रिफाइनरी में हंगामे की तस्वीरें… जानिए आज कैसे हुआ विवाद…. 24 फरवरी को मीटिंग में सहमति बनी रिफाइनरी के अंदर कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। यहां ठेकेदारों के अंतर्गत लगभग 35 से 40 हजार मजदूर अलग-अलग साइटों पर काम करते हैं। 23 फरवरी को मजदूरों के प्रदर्शन के बाद 24 फरवरी को पानीपत में ही मजदूरों की DC वीरेंद्र दहिया, SP भूपेंद्र सिंह और रिफाइनरी के अधिकारियों से मीटिंग हुई थी। मीटिंग में मजदूरों की सभी मांगें मान ली गईं। काम पर जाने के बजाए इकट्‌ठे हुए बुधवार सुबह मजदूरों को काम पर वापस लौटना था। इससे पहले रिफाइनरी में पुलिस फोर्स तैनात की गई, लेकिन मजदूर काम पर जाने के बजाए इकट्ठे हो गए। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी के अधिकारी उन्हें आश्वस्त कराएं कि उनकी सभी मांगें पूरी हो चुकी हैं। पथराव के बाद लाठीचार्ज सुबह 8:30 बजे मजदूरों ने रोड जाम कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो वे नहीं माने। भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद टीम ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मजदूरों पर लाठीचार्ज किया। व्यक्ति बोला- पुलिसवालों ने दौड़ाकर पीटा धमेंद्र नाम के व्यक्ति ने बताया कि मैं सिर्फ वहां खड़ा होकर देख रहा था। तभी अचानक हाथों में डंडे लेकर पुलिस कर्मचारी आए और पीटने लगे। डंडा लगने की वजह से मेरा हाथ टूट गया है। पुलिस कर्मचारी लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीट रहे थे। प्रदर्शन से जुड़े पल-पल के अपडेट जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

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