राजधानी के कोटा क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था आज सुबह चरमरा गई। बताया जा रहा है कि पानीटंकी का ऑपरेटर ड्यूटी के दौरान सो गया, जिसकी वजह से समय पर पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी और हजारों परिवारों को पानी नहीं मिला। इसका असर रामकृष्ण परमहंस वार्ड, मनमोहन सिंह बख्शी वार्ड, रामनगर और विकास नगर इलाके में देखने को मिला। सुबह से ही लोगों को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ी। कई घरों में टंकियां खाली रह गईं। कांग्रेस ने साधा निशाना मामले को लेकर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और स्थानीय पार्षद श्रीकुमार मेनन ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पानी जैसे बुनियादी मुद्दे पर भी निगम गंभीर नहीं है। मेनन ने कहा कि सिर्फ ऑपरेटर के सो जाने से चार वार्डों में पानी नहीं आया, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है और ऐसे मामलों पर जवाबदेही क्यों तय नहीं की जाती। महापौर ने कहा- जांच करेंगे वहीं महापौर मीनल चौबे ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गैर-जिम्मेदाराना रवैये के लिए कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने यह भी कहा कि प्रभावित वार्डों में आज शाम से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके। सुबह की इस अव्यवस्था ने एक बार फिर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद निगम क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


