भरतपुर और डीग जिले में पानी का हाहाकार रविवार को छठवें दिन भी जारी रहा। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जहाँ लोग सुबह-सवेरे महादेव के जलाभिषेक और दैनिक कार्यों के लिए पानी की उम्मीद लगाए बैठे थे, वहाँ दो घंटे के इंतजार के बाद भी नलों ने एक बूंद पानी नहीं आया। शहर की 90 प्रतिशत कॉलोनियों में सन्नाटा पसरा रहा, जबकि जलदाय विभाग के अधिकारी कागजों में आपूर्ति बहाल होने के खोखले दावे करते रहे। हकीकत यह है कि विभाग ने जनता को तो ‘टेंडर’ का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए, लेकिन रसूखदारों की सेवा में टैंकरों की कतार लगा दी। जानकर हैरानी होगी कि रोजाना 80-90 टैंकर आईएएस, आरएएस और अफसरों के घरों तक पहुंचाए गए। हालांकि जलदाय विभाग के अधिकारियों का दावा है कि रविवार को दोपहर बाद शहर के अधिकांश इलाकों में पानी सप्लाई कर दी गई थी, लेकिन उपलब्ध आंकड़े खुद इस दावे पर सवाल खड़े करते हैं। डीग में तय 27 एमएलडी के मुकाबले केवल 7 एमएलडी और भरतपुर में 40 एमएलडी के बजाय करीब 25 एमएलडी पानी ही घरों तक पहुंचने की बात कही जा रही है। इससे साफ संकेत मिलता है कि बढ़ते जनआक्रोश को थामने के लिए आनन-फानन में आंशिक सप्लाई दिखाकर स्थिति संभालने की कोशिश की गई। हकीकत यह है कि लगातार छह दिनों तक भरतपुर और डीग जिले की जनता एक-एक बूंद पानी के लिए तरसती रही और त्योहार के दिन भी राहत नहीं मिल सकी। खुलासा: अफसरों व सत्ताधारी नेताओं की जी-हुजूरी में लगे रहे एईएन-जेईएन भास्कर पड़ताल में चौंकाने वाला सच सामने आया है। एक बड़े टैंकर सप्लायर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जलदाय विभाग के एईएन और जेईएन के फोन कॉल पर रोजाना 80-90 पानी से भरे टैंकर केवल आईएएस, आरएएस अधिकारियों, सत्ताधारी नेताओं और पूर्व एक्सईएन के घरों पर भेजे गए हैं। जनता को मना करने वाले अधिकारी पर्दे के पीछे से रसूखदारों के घरों की टंकियां भरवा रहे हैं। जबकि आम लोग पिछले छह दिन से पानी के लिए तरस रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि हर माह लाखों रुपए रुपए वेतन लेने वाले अधिकारियों को लोगों की कोई परवाह नहीं है। लूट: 600 का टैंकर ₹2000 में, फिर भी लंबी वेटिंग शहर में पानी की किल्लत क्या बढ़ी, टैंकर माफिया की चांदी हो गई। जो पानी का टैंकर दो दिन पहले तक 600-700 रुपए में मिल रहा था, रविवार को उसके दाम आसमान छूते हुए 2000 रुपए तक पहुँच गए। हैरान करने वाली बात यह है कि 2000 रुपए एडवांस देने के बाद भी लोगों को शाम तक का इंतजार करना पड़ रहा है। आम आदमी एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है और विभाग के पास जनता के लिए कोई ‘वैकल्पिक व्यवस्था’ नहीं है। आज से सुचारू सप्लाई का दावा जलदाय विभाग के एक्सईएन केशवदेव पांडेय के अनुसार चम्बल-धौलपुर-भरतपुर परियोजना की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को ठीक कर लिया गया है। रविवार सुबह 7 बजे से चंबल नदी से जल की पंपिंग शुरू कर दी गई है। विभाग का दावा है कि रूपवास और भरतपुर में अब पर्याप्त भंडारण है। एईएन बलराम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अब स्थिति सामान्य हो रही है।


