पानी पीने के लिए भिड़े बेबी ऐलीफेंट, VIDEO:गोमर्डा अभ्यारण्य में प्यास बुझाने पहुंचा हाथियों का झूंड; पहले पीने के लिए दूसरे को धकेला

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से लगे हुए गोमर्डा अभ्यारण्य से हाथियों का एक और विडियो सामने आया है। जिसमें 28 हाथी का दल पानी पीने के लिए एक टंकी के पास पहुंचा था। इस दौरान एक से दो हाथी पहले पानी पीने के लिए एक दूसरे को सूंड से धकेलते हुए नजर आ रहे हैं। सारंगढ़ जिला के गोमर्डा अभ्यारण्य के बरमकेला रेंज का यह विडियो है। जिसमें पानी पीने के बेबी ऐलीफेंट आपस में भिड़ गए। हाथियों का दल दैय्यन परिसर 1004 आरएफ में बने पानी के टंकी में पानी पीने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान बड़े हाथी पहले पानी पीने के लिए आगे थे और शावक पीछे खड़े देखे गए। कुछ हाथी पहले टंकी पहुंचने के लिए एक दूसरे को सूंड से धकेलने लगे। बताया जा रहा है कि हर दिन हाथी शाम होते ही पानी के लिए यहां पहुंच रहे हैं और अपनी प्यास बुझा रहे हैं। 2 सालों से डाला डेरा 27 हाथियों का दल पिछले करीब 2 सालों से गोमर्डा अभ्यारण्य के जंगल में डेरा डाले हुए हैं। एक हाथी के और आ जाने के बाद इनकी संख्या 28 हो गई है। बताया जा रहा है कि अभ्यारण्य के बरमकेला व सारंगढ़ रेंज में विचरण करते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से लगातार बरमकेला रेंज में इनकी मौजूदगी है। तालाब में डुबकी लगाते भी नजर आते हैं बुधवार को हाथियों की निगरानी की जा रही थी। जहां पता चला कि अभ्यारण्य के माजरमाटी परिसर के कक्ष क्रमांक 998 आरएफ मौजूद हैं। इसमें 3 नर, 14 मादा व 11 शावक शामिल हैं और अक्सर ये जंगल के तालाब मे डुबकी लगाते भी नजर आ जाते हैं। जिसका विडियो भी कई बार सामने आ चुका है। गांव में मुनादी कराई गई है गोमर्डा अभ्यारण्य बरमकेला रेंज के रेंजर सुरेन्द्र अजय ने बताया कि पानी पीने के लिए हर दिन 28 हाथी का दल यहां आता है। इन पर लगातार निगरानी की जा रही है। हाथी कक्ष क्रमांक 998 आरएफ मे विचरण कर रहे हैं। अभ्यारण्य के लुरका, दबगांव, पठारिपाली, खम्हारपाली, नावापाली व माजरमाती गांव में मुनादी करायी गई है कि अकेले ग्रामीण जंगल की ओर न जाए। ……………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… पानी में एलीफेंट फैमिली की मस्ती:सिर नीचे पैर ऊपर कर नहाते दिखा हाथी, गोमर्डा अभयारण्य के तालाब में चीतल-बायसन भी प्यास बुझाने पहुंच रहे छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से लगे बरमकेला के गोमर्डा अभयारण्य में हाथियों की मौज हो गई है। यहां मौजूद पर्याप्त पानी और चारा इन्हें दूसरे जंगल जाने से रोके हुए हैं। 27 हाथियों का दल 2023 में यहां पहुंचा था। भीषण गर्मी में विभाग ने टंकियों और तालाबों को पानी से भर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

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