उत्पाद विभाग की टीम ने रांची ओरमांझी में नकली शराब फैक्ट्री पकड़ी है। भारी मात्रा में अवैध नकली शराब जब्त की गई है। इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें पंकज शर्मा, अभिषेक कुमार, अभिषेक कुमार (2) और आकाश कुमार शामिल हैं। उत्पाद विभाग की टीम ने ओरमांझी स्थित दरदाग में रेनबो 7 कॉलोनी में छापेमारी की। यहां एक किराए के घर में नकली विदेशी शराब बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। उत्पाद विभाग की टीम वहां का सेटअप देखकर दंग रह गई। पानी के 25 लीटर वाले जार में बोकारो से नकली शराब मंगा कर उसे छान कर बोतलों में पैक किया जा रहा था। ताकि, बोतल में गंदगी न जाए। नशे की दवा डालकर विदेशी शराब तैयार की जाती है गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि रंगीन पानी में स्प्रिट और नशे की दवा डालकर विदेशी शराब तैयार की जाती है। ऐसे ब्रांड की शराब ज्यादा बनाई जाती है, जिनकी डिमांड है। एक बोतल शराब बनाने में 100 से 125 रुपए का खर्च आता है। इसे 300 रुपए में सप्लायर को दिया जाता है। फिर, झारखंड में 750 से 900 रुपए और बिहार में 1400 से 1600 रुपए में प्रति बोतल की दर से बेची जाती है। असली दिखने के लिए लगाया जाता था झारखंड का होलोग्राम
सहायक उत्पाद आयुक्त अरुण कुमार मिश्रा ने छापेमारी में 250 पेटी में पैक और 600 लीटर तैयार नकली शराब पकड़ी है। 10 हजार बोतल की कैप, 20 हजार अलग-अलग ब्रांड के लेवल और 1000 होलोग्राम भी जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि नकली शराब रांची के अलावा बिहार भेजी जाती थी। नकली शराब असली दिखे इसके लिए बोतलों पर झारखंड उत्पाद विभाग का होलोग्राम लगाया जाता है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि रांची में एक व्यक्ति उन्हें होलोग्राम उपलब्ध कराता है। घर में पिछले छह माह से नकली शराब तैयार की जा रही थी। बोकारो से जार में रांची पहुंचती थी नकली शराब
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि बोकारो से जार में नकली शराब रांची आती है। फिर यहां विदेशी ब्रांड की बोतलों में भरी जाती है। खाली बोतलें, लेवल, ढक्कन सबकुछ बाहर से आता है। बोतलों की पैकिंग मशीन से होती है। उत्पाद विभाग की टीम अब बोकारो के सप्लायर के संबंध में जानकारी जुटा रही है, ताकि उन तक पहुंचा जा सके।


