भीलवाड़ा| आरसी व्यास कॉलोनी स्थित पारीक भवन में हो रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महोत्सव सप्ताह के दूसरे दिन रविवार को भी कथा के दौरान श्रोता भक्ति रस में डूबे रहे। कथावाचन करते हुए आचार्य डॉ. विजयकृष्ण पारीक ने भगवान कृष्ण के बचपन की लीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जो सृजन करता है वो ही पालन करेगा। वहीं संहारक भी है। यह बहुत ही गहरा और अर्थपूर्ण कथन है। भगवान ब्रह्मा रूप में हमें जन्म देकर जीवन को आरंभ करते है। भगवान विष्णु रूप में पालनकर्ता हैं, जो हमारे जीवन को सुरक्षित और समृद्ध बनाते हैं। भगवान शिव के रूप में हमारे संहारकर्ता हैं, जो हमारे पापों को समाप्त कर हमें मोक्ष की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि भागवत कथा गायत्री मंत्र का विस्तार है। कथा के दौरान आचार्य द्वारा डॉ. कैलाश पारीक, डॉ. अरुणा पारीक, शिवानी पारीक, लक्ष्मीनारायण पारीक, अमृता जोशी, पल्लवी पारीक, एडवोकेट लक्ष्मी पारीक को समाज में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कथा की मुख्य यजमान पांडिया परिवार की सुजान देवी पांडिया ने बताया कि कथा के दौरान शाम सात बजे से नानी बाई का मायरा कथा भी हो रही है।


