भास्कर न्यूज | बारां कूनों से आए चीता केपी 2 का मूवमेंट रामगढ़ क्षेत्र में गोरेला गांव के निकट पार्वती नदी के किनारे बना हुआ है। वन-विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को खेतों पर जाते समय एहतियात बरतने की सलाह दी है। वन-विभाग के अलावा कूनों से आई टीम व मेडिकल टीम चीतें की हर हरकत पर नजर रखे हुए है। चीता केपी 2 कूनों से निकलकर 14 फरवरी को बारां जिले के बांझ आमली क्षेत्र में आया था। यहां से वापस रामगढ़ पहुंच गया था। अब तक इसने बारां जिले में 2 बार शिकार किया है। जिसमें एक बार नीलगाय और एक बकरी थी। चीता का लगातार स्वछंद मूवमेंट करना चीता के लिए यहां के जंगल अनुकूल होने का संकेत है। वन विभाग के अनुसार चीता सुबह से ही रामगढ़ के निकट मूवमेंट करता रहा। इस दौरान वह दोपहर में करीब आधे घंटे के लिए मध्यप्रदेश की सीमा में चला गया था। इसके बाद वापस बारां जिले के जंगलों में लौट आया। वर्तमान में वह गोरेला गांव के निकट पार्वती नदी के किनारे पर मूवमेंट कर रहा है। वहां सरसों के खेतों में भी लगातार घूम रहा है। इसको वापस ले जाने का फैसला कूनों प्रबंधन द्वारा ही किया जाएगा। ^चीता रविवार को करीब आधे घंटे के लिए मध्यप्रदेश में गया था। जिसके बाद वह वापस लौट आया। वर्तमान में चीता पार्वती नदी के किनारे मूवमेंट कर रहा है। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। – विवेकानंद माणिकराव बडे, डीएफओ बारां


