खिरकिया के ग्राम चारूवा स्थित प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। मंगलवार शाम अमावस्या पर भगवान गुप्तेश्वर महादेव पालकी में सवार होकर मेला भ्रमण पर निकले। इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। भक्ति और नृत्य के बीच निकली पालकी यात्रा यात्रा के दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। हजारों श्रद्धालु पालकी के आगे-आगे बैंड-बाजे की मधुर धुन और भक्ति गीतों पर झूमते-नाचते चल रहे थे। यात्रा का मुख्य आकर्षण वह क्षण रहा जब भक्तों ने पालकी के नीचे से निकलकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मान्यता है कि पालकी के नीचे से गुजरने से परिवार में खुशहाली और सुख-समृद्धि आती है, इसी कामना के साथ श्रद्धालुओं में इसकी होड़ लगी रही। नदी तट पर परंपरा और आतिशबाजी पालकी यात्रा मेले के मुख्य मार्गों से होते हुए स्थानीय नदी तट पर पहुंची। यहां मंदिर समिति द्वारा वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन किया गया। इस मौके पर विशेष पूजन के साथ ही भव्य और आकर्षक आतिशबाजी की गई, जिसने आसमान को सतरंगी रोशनी से भर दिया। उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच इस मनोहारी दृश्य का आनंद लिया। भात श्रृंगार और दिव्य आरती से समापन नदी तट पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद पालकी वापस मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर के गर्भगृह में भगवान महादेव का विशेष ‘भात श्रृंगार’ किया गया था, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा। समापन पर पायरो लाइट और विशेष साज-सज्जा के बीच महाआरती का आयोजन हुआ। आरती के बाद सभी भक्तों को प्रसादी का वितरण किया गया और श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।


