पाली में नेत्र किए दान:दो लोगों की अंधेरी जिंदगी में हो सकेगा उजाला

पाली शहर के ओझाजी का बास निवासी 54 वर्षीय मोहन जैन पुत्र संपत्त राज तातेड के निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्र दान करने का नेक काम किया। जिससे दो लोगों की अंधेरी जिंदगी में उजाला हो सकेगा। दिवंगत मोहन जैन का हार्ट अटैक से असामयिक निधन हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता निर्मल बालिया, आई बैंक सोसाइटी ऑफ़ राजस्थान, पाली चैप्टर के हुक्मीचंद मेहता, गौतम चौपड़ा ने दिवंगत की पत्नी विनीता, पुत्री काव्या भाई देवेंद्र, भाभी कांता भतीज हितेश, निलेश एवं दीपेश तातेड से दिवंगत के नेत्रों के दान करने का निवेदन किया। जिसकी स्वीकृति प्राप्त होते ही आई बैंक सोसाइटी, पाली चैप्टर के सचिव केवल चंद कवाड़ एवं भंवर लाल सेमलानी ने डॉ. आर. के. गर्ग, टेक्नीशियन रईस खान के सहयोग से दिवंगत की दोनों आंखें दान में प्राप्त कर सामाजिक कार्यकर्ता दयाल सिंह तंवर के सहयोग से जयपुर भिजवाई गई, जहां कार्निया प्रत्यारोपित कर दो दृष्टिबाधित बन्धुओं को दृष्टि की जाएगी।

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