अलवर के नौगांवा की रघुनाथगढ़ ग्राम पंचायत का तेलियाबास गांव। पुलिस के लिए यह इलाका साइबर ठगी के अपराधियों के ठिकाने के रूप में चिह्नित है। 2 मार्च को सुबह 6 बजे ऐसे ही एक केस में लोकेशन के आधार पर पुलिस यहां एक घर में आरोपी की धरपकड़ के लिए पहुंची थी। अब पुलिस की टीम पर आरोप है कि उन्होंने चारपाई पर सो रही 20 दिन की मासूम अलसीबा पुत्री इमरान को कुचल दिया। पहले तो पुलिस ने ऐसे किसी भी मामले को मानने से इनकार कर दिया। यह तक कह दिया कि पुलिस वहां गई ही नहीं। लेकिन, देर रात 2 हेड कॉन्स्टेबल समेत 5 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। परिजन का आरोप है कि पुलिस जब कमरे में दाखिल हुई, तब मासूम रजाई में लिपटी चारपाई पर सो रही थी। उसके पिता को खींचने के दौरान पुलिसकर्मी ने बच्ची पर पैर रख दिया। इसके बाद बच्ची के मुंह से झाग निकल रहे थे। गर्दन पर पैरों के निशान थे। दैनिक भास्कर पीड़ित परिवार के घर पहुंचा और यह जानने की कोशिश की कि उस सुबह आखिर हुआ क्या था। 20 दिन की बच्ची की माता-पिता ने उस कमरे में ले जाकर पूरी कहानी बताई… 2 कमरों के मकान में रहते हैं 6 भाई
तेलियाबास गांव में मुख्य सड़क से 70 मीटर दूर मस्जिद के पीछे इमरान का घर है। एक छोटा सा आंगन और 2 कमरे हैं। 3 छप्पर भी हैं। यहां इमरान और उसके 5 भाई रहते हैं। मजदूरी करके अपना गुजारा चलाते हैं। इमरान के पास एक कीपैड वाला मोबाइल है, वह भी टूटा हुआ। पिता बोला- चारपाई पर पैर रखकर मुझे खींचा
बच्ची के पिता इमरान का आरोप है कि 2 मार्च (रविवार) को सुबह के 6 बजे थे। मैं मकान के एक कमरे में बेड पर लेटा हुआ था। वहीं पास की चारपाई पर मेरी 20 दिन की बेटी अलसीबा रजाई में सो रही थी। अचानक 3 पुलिसकर्मी कमरे में घुसे। एक वर्दी में था, बाकी सादा ड्रेस में थे। पुलिसकर्मी ने चारपाई को खाली समझकर उस पर पैर रखकर बेड से मुझे खींचा। कुछ ही सेकेंड में हुए इस घटनाक्रम के बाद मुझे कमरे से बाहर ले गए और अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कमरे की तलाशी ली। मुझसे कीपैड वाला मोबाइल ले लिया। मोबाइल में कुछ भी संदेहास्पद नहीं मिला। मुझ पर कोई पुराना मुकदमा भी नहीं था। ऐसे में 10 मिनट चली पूछताछ के बाद मुझको छोड़ दिया गया। अंदर पहुंचा तो बेटी की सांसें बंद थी
इमरान ने बताया- जैसे ही मैं घर के अंदर आया तो पत्नी राजीदा बोली कि अलसीबा की सांसें नहीं चल रही हैं। उसके नाक-मुंह से झाग निकल रहे हैं। कान पर नील का निशान नजर आ रहा है। कुछ मिनट तक किसी को भी कुछ समझ नहीं आया। लेकिन, अचानक परिजन का ध्यान 10 मिनट पहले हुए घटनाक्रम पर गया तो समझ आया कि खींचतान में किसी पुलिसकर्मी ने अलसीबा पर पैर रख दिया। तब तक पुलिस गांव से जा चुकी थी। भाई का आरोप- पहले मना करते रहे पुलिसकर्मी
इमरान के बड़े भाई शौकीन का आरोप है कि इसके बाद हमने पुलिस थाने में फोन किया और कहा कि आपने हमारी बच्ची को मार दिया। पुलिस मना करती रही कि पुलिसकर्मी ने ऐसा कुछ नहीं किया। शौकीन के अनुसार, SHO ने कहा कि हमारे पुलिसकर्मी तो बाहर खड़े थे और बच्ची तो इमरान की पत्नी की गोद में थी। लेकिन, हमने कहा कि एक बार फिर से पूछिए। तब SHO ने कहा कि हां, पुलिसकर्मियों ने माना है कि उन्होंने बच्ची को मार दिया। मां बोली- बेटी की नाक से खून और झाग आ रहे थे
अलसीबा की मां राजीदा ने कहा कि बेटी की नाक में से खून और झाग आ रहे थे। मुंह से भी झाग निकल रहे थे। तुरंत सास को दिखाया। सास ने चेक कर बताया कि बेटी की सांसें नहीं चल रही हैं। अलसीबा का कान नीला पड़ा हुआ था। गर्दन के पास पैर का निशान भी था। पैर रखने से बेटी की गर्दन टूटी है। उसके कारण ही खून आया है। अलवर एसपी संजीव नैन ने बताया- मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के लिए अधिकारी भी नियुक्त कर दिया है। ऐसे में, सभी पक्षों से बात की जा रही है। अभी तक की पड़ताल में 5 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। बता दें कि रविवार को मामले को लेकर हेड कॉन्स्टेबल गिरधरलाल व जगवीर, सिपाही ऋषिकेश, मोहम्मद शाहिद और सुनील को लाइन हाजिर कर दिया गया था। SHO बोले- पुलिस आधे घंटे में लौट आई थी
इधर, मामले को लेकर नौगांवा SHO अजीत बड़सरा ने बताया- हमें मुख्यालय से इमरान के घर की लोकेशन मिली थी। इसके बाद पुलिस के 11 सदस्य सुबह करीब पौने 7 बजे दबिश देने मौके पर पहुंचे थे। मतलब सुबह 6 बजे पुलिस थाने से रोजनामचा में सूचना दर्ज की थी। वहां पहुंचने के बाद आधा घंटे में पुलिस लौट आई थी। लोकेशन के अनुसार, कोई मोबाइल जब्त नहीं हुआ। उस समय बालिका की मौत होने जैसी बात सामने नहीं आई थी। बड़सरा ने बताया- रघुनाथगढ़ ग्राम पंचायत में ही तेलियाबास गांव आता है। इस पंचायत में पिछले पौने 2 साल में करीब 18 लोग साइबर ठगी के आरोपी हैं। जिनकी पहचान हुई है। धरपकड़ भी चलती रहती है। अकेले तेलियाबास में 6 से अधिक आरोपी हैं, जिन पर मुकदमा दर्ज है। यहां आसपास के गांवों में साइबर ठगी बहुत अधिक है। इस वजह से पुलिस को दिन की बजाय सुबह जल्दी या रात को दबिश देनी पड़ती है। असल में दिन में ये खेतों में या पहाड़ों के ऊपर चले जाते हैं। रात को ही घर आते हैं। वृंदा करात बोलीं- सांसद अमराराम लोकसभा में उठाएंगे मामला
मासूम की मौत के मामले में मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता वृंदा करात और पूर्व विधायक साफिया जुबेर खान पीड़ित परिवार से मिलने तेलियाबास गांव पहुंचीं। वृंदा करात ने कहा- पार्टी से सीकर सांसद अमराराम इस मामले को लोकसभा सत्र में उठाएंगे। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के लिए पार्टी भरपूर प्रयास करेगी। विसरा लिया है, रिपोर्ट में सच सामने आएगा
अलवर जिला अस्पताल के डॉ. मनोज शर्मा ने बताया- पोस्टमॉर्टम के दौरान विसरा लिया गया था। जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। पुलिस अभी विसरा लेकर नहीं गई है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगा कि बच्ची की मौत कैसे हुई। मासूम की मौत से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पुलिस रेड के दौरान 20 दिन की बच्ची की मौत:मां बोली- पुलिसवालों ने बेटी पर पैर रख दिया; दो हेड कॉन्स्टेबल समेत 5 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर अलवर में पुलिस की रेड के दौरान 20 दिन की बच्ची की मौत हो गई। आरोप है कि पुलिसवाले मासूम के पिता को पकड़ने के लिए चारपाई पर चढ़ गए, जहां बच्ची सो रही थी। पुलिसवाले के पैर के नीचे दबने से मासूम की मौत हो गई। मामला अलवर के नौगावां इलाके के रघुनाथगढ़ के पास तेलिया का बास का रविवार सुबह 6 बजे का है। मामले में 5 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। (पढ़ें पूरी खबर)


