बूंदी के लाखेरी स्टेशन क्षेत्र स्थित वार्ड नंबर 14 की बावरी डेरा बस्ती के निवासियों ने सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास अनुदान योजना के तहत आवासीय पट्टे और मकान निर्माण के लिए अनुदान की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि बावरी समाज के लोग पिछले 45—50 साल से कृषि उपज मंडी की खाली पड़ी भूमि पर रह रहे हैं। यह भूमि लंबे समय से अनुपयोगी है। बस्तीवासियों ने इसे आबादी भूमि में परिवर्तित कर गरीब परिवारों को आवासीय पट्टे और मकान निर्माण हेतु अनुदान देने की अपील की। बस्ती में है करीब 100 डेरा-तंबू
बस्ती के लोगों ने कहा कि राजस्थान और केंद्र सरकार की “कोई भी परिवार बेघर नहीं रहेगा” की घोषणा के बावजूद उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। वर्तमान में बस्ती में लगभग 100 डेरा-तंबू है, जहां लोग आज भी झुग्गी-झोपड़ी और तंबुओं में जीवन यापन कर रहे हैं। सभी परिवारों के पास है राशन कार्ड, आधार कार्ड
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बस्ती में रहने वाले सभी परिवारों के पास राशन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर आईडी सहित आवश्यक दस्तावेज हैं, जिनमें इसी स्थान का पता दर्ज है। इसके बावजूद उन्हें आवास योजना से वंचित रखा गया है, जो उनके लिए एक बड़ी समस्या है।
इन परिवारों का मुख्य कार्य कचरा बीनना, पन्नी इकट्ठा करना और फूल-पत्तियां बेचकर जीविका चलाना है। उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्के मकान का निर्माण उनके लिए संभव नहीं है। एसडीएम से आग्रह किया गया कि कृषि उपज मंडी की अनुपयोगी भूमि को आबादी क्षेत्र में बदलकर वर्षों से रह रहे इन गरीब परिवारों को आवास सुविधा प्रदान की जाए। इससे उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकेगा।


