आप खेती-किसानी से जुड़े किस विषय पर जानकारी चाहते हैं, वॉट्सएप नंबर 7 004690495 पर सिर्फ मैसेज करें। भास्कर न्यूज| गिरिडीह गिरिडीह कृषि प्रधान जिला है, जहां अधिकांश किसान खेती पर निर्भर हैं। जल संकट, बिजली की कमी और महंगे डीजल की समस्या लंबे समय से किसानों के लिए चिंता का विषय रही है। इन चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाभियान ( पीएम-कुसुम) योजना किसानों के लिए राहत लेकर आई है। पीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा आधारित पंप अनुदान (सब्सिडी) पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसान अब सिंचाई के लिए बिजली या डीजल पर निर्भर नहीं रहेंगे। सोलर पंप के उपयोग से सिंचाई लागत में कमी आती है और समय पर पानी मिलने से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था के कारण फसलों की गुणवत्ता सुधरती है, जिससे किसानों को बाजार में उचित मूल्य मिल पाता है। जिला कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। सौर पंप न केवल किसानों की लागत घटाते हैं, बल्कि जल संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। नियंत्रित सिंचाई से पानी की बर्बादी कम होती है और भू-जल स्तर को संतुलित बनाए रखने में सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि इच्छुक किसान अपने नजदीकी कृषि कार्यालय में आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज जमा कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत सोलर पंपों की स्थापना और रख-रखाव से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। सौर ऊर्जा स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोत होने के कारण पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है।पीएम-कुसुम योजना किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।


