ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) के तहत प्रदेश के पहले नोनेरा-ऐबरा डेम का लोकार्पण आज जयपुर में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया। इस बांध का निर्माण 13 अक्टूबर 2018 में शुरू हुआ था। 13 अक्टूबर 2022 तक कार्य पूरा होना था। कोविड के कारण निर्माण कार्य पूरा करने की डेडलाइन 13 अक्टूबर 2023 कर दी गई। विदेशों से पार्ट्स आने में देरी के कारण फिर से इसकी डेडलाइन बढ़ाई गई। 30 जून 2024 तक 1026.32 करोड़ की लागत से निर्माण हुआ। इस बांध की लंबाई 1404 मीटर है। इसकी भराव क्षमता 226.65 मिलियन क्यूबिक मीटर है। बांध से पानी की निकासी के लिए 27 गेट रेडियल गेट लगे। गेट की ऊंचाई 16 मीटर व चौड़ाई 15 मीटर है। ये सभी गेट ऑटोमेटिक सिस्टम के तहत काम करेंगे। पानी का इनफ्लो आने पर कंट्रोल आपरेटिंग सिस्टम (स्काडा) से इलेक्ट्रॉनिकली ऑपरेट होंगे। तीन महीने पहले सितंबर के महीने में इस बांध की टेस्टिंग की गई थी। टेस्टिंग के दौरान स्टेट हाइवे- 70 ( कोटा से श्योपुर) पर तीन दिन आवाजाही बंद कर दी गई थी। बांध के सभी गेट बंद करके 217 मिलियन क्यूबिक मीटर तक भरा गया था। इस बांध में आहू नदी, उजाड़ नदी, परवन नदी से पानी का आता है। कोटा बूंदी के 750 गांव में पेयजल आपूर्ति होगी
इस बांध के बनने से कोटा व बूंदी जिले के 750 गांव के अलावा इटावा, सुल्तानपुर, केशवरायपाटन, कापरेन, लाखेरी समेत 6 कस्बों में पेयजल आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए 54 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी रिजर्व होगा। बाकी पानी 21 जिलों में जाएगा। कोटा बारां के 43 गांव की जमीन अधिग्रहित कालीसिंघ नदी पर बनाए गए इस बांध के लिए कोटा व बारां जिले के 43 गांवों की निजी व वन ओर सरकारी 3112.24 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया। इतमें 43 गांवों की 495.11 हैक्टेयर निजी खातेदारी व 2616.62 हैक्टेयर सरकारी जमीन शामिल है। कोटा के दीगोद व पीपल्दा के 30 गांवों की जमीन का अधिग्रहण इसमें सबसे ज्यादा कोटा जिले के 30 गांव में 2150.22 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया। जिसमें 359.93 हैक्टेयर निजी खातेदारों की व 1790.29 हैक्टेयर सरकारी जमीन अधिग्रहित की गई है। उसमें भी सबसे ज्यादा दीगोद तहसील के 23 गांव की कुल 1444.46 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। जिसमें 230.36 हैक्टेयर निजी खातेदारी व 1214.10 सरकारी जमीन शामिल है। जबकि पीपल्दा तहसील के 7 गांव की 705.76 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया है। इसमें 129.57 हैक्टेयर निजी खातेदारी व 576.19 हैक्टेयर सरकारी जमीन है।


