लेवी वसूली समेत अन्य आरोपों में ट्रायल फेस कर रहा प्रतिबंधित नक्सली संगठन (पीएलएफआई) के सक्रिय सदस्य राकेश पासवान समेत छह उग्रवादियों को एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने शनिवार को दोषी करार दिया है। साथ ही सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 13 फरवरी निर्धारित की गई है। दोषी पाए गए अभियुक्तों में गुलाब यादव, रवि यादव, पवन कुमार यादव, राकेश कुमार पासवान उर्फ आर्यन, सुरेश यादव और संतोष यादव शामिल है। यह मामला 4 दिसंबर 2018 का है, जब लातेहार जिला पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई का सबजोनल कमांडर अमित अपने दस्ते के साथ बालूमाथ थाना क्षेत्र के तितिर महुआ जंगल में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। सूचना के आधार पर जिला पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर छापेमारी की थी। इस अभियान के दौरान चार मुख्य उग्रवादियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय इनके पास से विदेशी हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए थे। जांच के बाद यह मामला 27 जून 2019 को एनआईए ने टेक ओवर किया। जिसने गहन अनुसंधान कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें ठेकेदारों से लेवी वसूली, विकास कार्यों में बाधा डालने, आंतक फैलाने और बालूमाथ क्षेत्र में बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने की साजिश में संलिप्तता पाई गई थी। अभियुक्तों के खिलाफ 11 जनवरी 2021 को आरोप तय किया गया था।


