कोटगेट और सांखला फाटक पर बनने वाले आरयूबी पर पहली बार दो जमीन मालिकों ने परेशानी खड़ी करनी शुरू कर दी है। ये दोनों ही सांखला फाटक के बीच आ रहे हैं। ये अड़चन बांड सांखला फाटक पर आ रहा है। बांड से पहले जो सर्वे होता है वो दोनों फाटकों के बीच आने वाले 35 संस्थानों में से 33 ने करा लिया मगर सांखला फाटक के दो संस्थानों ने सर्वे कराने से इनकार कर दिया। बीकानेर शहर के बीचोंबीच कोटगेट पर दो रेलवे क्रॉसिंग हैं जो रोजाना 24 घंटे में 60 बार बंद होते हैं। लोगों को घंटों खड़े रहकर क्रॉसिंग खुलने का इंतजार करना पड़ता है और उसके बाद भी जाम लग जाता है। इसके समाधान के लिए सांखला फाटक अंडरपास और कोटगेट पर आरयूबी बनने हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए 35 करोड़ रुपए का बजट भी दे रखा है। पीडब्ल्यूडी ने इसके टेंडर भी कर दिए। पहले तो दो सालों से इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम ही शुरू नहीं हो पाया है। अब काम तेजी से शुरू हुआ। दोनों जगह भूमि मालिक चिह्नित कर लिए गए। आपत्तियां भी मांग ली गईं। अब बांड भरने हैं लेकिन बांड से पहले पीडब्ल्यूडी का एक आखिरी सर्वे करके फाइल बीडीए को सौंप देगा। बीडीए उस सर्वे के हिसाब से बांड भरकर मुआवजा देगा। कोटगेट पर आने वाली करीब 12 संपत्तियों का सर्वे पूरा हो गया। वहां कोई अड़चन नहीं आई। सांखला पर भी 23 में से 21 संपत्तियों का सर्वे हो गया मगर दो संस्थानों ने सर्वे कराने से इनकार कर दिया। इसकी रिपोर्ट जब बीडीए के पास पहुंची तो बीडीए इसे जनहित के खिलाफ माना। बीडीए उन दो संपत्तियों का पुलिस बल पर सर्वे कराने का विचार कर रहा है। एक दिन पहले संभागीय आयुक्त ने भी इसकी पूरी रिपोर्ट मांगी है। क्योंकि ये बजट घोषणा है। पहले कांग्रेस सरकार ने की थी और बाद में बीजेपी सरकार ने। इसलिए पूरा प्रशासन इसे शुरू कराना चाहता है। मालिक और किराएदार दोनों को ध्यान में रखकर किया गया सर्वे सांखला फाटक पर अंडरपास के लिए 23 संपत्तियों का अधिग्रहण होगा। इसके लिए संपत्ति मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। आरयूबी के लिए चिह्नित संपत्तियों में से एक रेलवे क्रॉसिंग के पास बनी प्याऊ भी शामिल है जो सरकारी जमीन पर है। सांखला फाटक पर संपत्तियां 23 हैं, लेकिन मूल रूप से उनके 5 मालिक हैं जिन्होंने दुकानें किराये पर दे रखी हैं। इसलिए यहां मूल मालिक और किरायेदार दोनों को ध्यान में रखते हुए सर्वे किया गया है।


