भिलाई में चल रहे पीडीएस चावल तस्करी के खेल में कांग्रेसियों और भाजपाइयों के बीच विवाद गरमाता जा रहा है। बुधवार को पकड़े गए पीडीएस चावल को ले जा रहे आटो चालक सुरेश कश्यप ने लिखित बयान दिया है कि ये चावल डबलू यादव का है। इसके बाद डबलू यादव गुरुवार को खाद्य विभाग पहुंचा और आरोप का खंडन किया है। आपको बता दें कि खाद्य विभाग की टीम ने 5 मार्च दोपहर को चावल से लोड आटो CG 07 CE 2901 को चिखली चौक के पास पकड़ा था। खाद्य विभाग ने बताया कि आटो को कैंप 1 भिलाई निवासी सत्यम यादव और सूर्या तिवारी ने पकड़ा और फिर उन्हें व पुलिस को सूचना दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलगांव पुलिस ने आटो को थाने में खड़ा करा दिया। वहीं खाद्य विभाग की टीम ने चावल को जब्त कर जांच के लिए भेजा है। खाद्य अधिकारी ने कार्रवाई के दौरान सूचना दाता सूचनादाता सत्यम यादव का बयान दर्ज किया। सत्यम ने अपने बयान में बताया कि जिस चावल को उन्होंने पकड़ा है वो पीडीएस का चावल है। वो करीब 11 क्विंटल वजन में आटो में लोड था। उक्त चावल भाजयुमो नेता सूरज साव का है, जो कि राइस मिल में बिकने के लिए जा रहा था। आटो चालक ने दिया विवादित बयान खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जब आटो चालक सुरेश कश्यप का लिखित बयान लिया तो उसने कहा कि ये चावल कैंप 1 निवासी डबलू यादव का है और वो इसे मिल में बेचने के लिए ले जा रहा है। उसके लिए वो उसे मजदूरी देता है। जबकि अपने बयान से ठीक पहले सुरेश कश्यप ने एक वीडियो में बोला कि पकड़ा गया चावल सूरज साव का है। वीडियो में दिख रहा है कि वहां खड़े सूरज साव ने भी यह कहा की चावल उसका है। सूरज साव के बयान से गरमाई राजनीति पकड़े गए पीडीएस चावल को छुड़वाने पुलगांव थाने पहुंचा सूरज साव भाजयुमो नेता है और कैंप मंडल में उपाध्यक्ष रह चुका है। सूरज ने एक वीडियो और फेसबुक पोस्ट के माध्य से कहा कि जो चावल पकड़ा गया है वो डबलू यादव का है। डबलू यादव कांग्रेस पार्टी से जुड़ा है, इसलिए अब यह मामला राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। डबलू यादव ने खाद्य अधिकारी को दिया पत्र डबलू यादव ने शुक्रवार 6 मार्च को खाद्य विभाग जाकर खाद्य अधिकारी के एक लेटर दिया है। उसमें उसने लिखा है कि 5 मार्च को जो पीडीएस चावल पकड़ा गया है वो उसका होना बताया जा रहा है। उसने लिखित में दिया है कि उस पीडीएस चावल, पकड़े गए आटो और उसके ड्राइवर से उसका दूर दूर तक कोई नाता नहीं है। आटो चालक ने पहले सूरज साव का नाम लिया उसके बाद किसी के दबाव में मेरा नाम ले रहा है। ऐसा मेरी राजनीतिक छवि को खराब करने के लिए किया जा रहा है। उसने मांग की है कि इस मामले की जांच कर इसमें सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।


