सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में पुजारी इन्द्रभान द्विवेदी की हत्या के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। सोमवार को आरोपी कामता प्रसाद केवट उर्फ लाला केवट के घर और उसकी अवैध मुर्गा-अंडा दुकान को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई तहसील रोड पर हुई घटना के बाद क्षेत्र में व्याप्त तनाव और आक्रोश के बीच की गई है। 75 वर्षीय इन्द्रभान द्विवेदी तहसील परिसर स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे। उन पर हमला तब हुआ जब वे मंदिर से लौट रहे थे। आरोप है कि आरोपी ने चलती मोटरसाइकिल पर बैठे पुजारी की गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया, जिससे वे सड़क पर गिर गए। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, हमलावर ने गिरने के बाद भी उनके सीने पर कई बार प्रहार किए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने बताया कि इन्द्रभान द्विवेदी शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और अनशन की चेतावनी दी थी। तहसीलदार राजेश पारस ने बताया कि बढ़ते जनाक्रोश और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की दुकान अवैध रूप से संचालित हो रही थी और उसके संबंध में पहले भी शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद यह कदम उठाया गया है।


