भास्कर न्यूज | कोरबा शहर के पुराने बस स्टैंड को सुविधाओं का इंतजार है, लेकिन कई दशक बाद भी यात्री सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यात्रियों के बैठने के लिए न तो प्रतीक्षालय बना है और न ही पीने के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है। ऐसे में यात्री खुले बस का इंतजार करते हैं। पीने के पानी और शौचालय के लिए भटकते हैं। जिले में एक ओर विकास कार्यो के लिए डीएमएफ से जमकर रकम खर्च किया जा रहा है तो दूसरी ओर शहर के नए व पुराने बस स्टैंड बदहाल स्थिति में है। यात्रियों के लिए न तो पर्याप्त सुविधा है और न ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है। सबसे दयनीय स्थिति पुराना बस स्टैंड की है, जिसे नगर निगम ने लगभग भूला दिया है। 80 के दशक में पुराना बस स्टैंड से ही लंबी दूरी के लिए चलने वाले बसों का ठहराव व आवाजाही होती थी। हालांकि ट्रांसपोर्टनगर समेत बुधवारी व निहारिका-कोसाबाड़ी की ओर शहर का दायरा बढ़ने के साथ ही यातायात का दबाव बढ़ने व पावर हाउस रोड से पुराना बस स्टैंड की ओर आवाजाही में रेलवे फाटकों के झंझट के चलते टीपीनगर में नया बस स्टैंड का निर्माण किया गया। जिसके बाद से पुराना बस स्टैंड में सुविधा बढ़ाने की ओर ध्यान ही नहीं दिया गया है। जबकि चांपा- जांजगीर, बलौदा-अकलतरा, सीपत- बिलासपुर, सक्ती-खरसिया, रायगढ़, चंद्रपुर, शिवरीनारायण, बलौदाबाजार क्षेत्र की ओर आवाजाही करने वाली 50 से अधिक बसें प्रतिदिन पुराना बस स्टैंड से होकर चलती हैं। 30 से अधिक बसों का ठहराव भी रहता है। वहीं बस व ऑटो के माध्यम से पुराना बस स्टैंड से प्रतिदिन 2 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। बावजूद इसके 4 दशक बाद भी पुराना बस स्टैंड में न तो यात्रियों के बस के इंतजार में बैठने के लिए प्रतीक्षालय का निर्माण हुआ है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। शौचालय के लिए भी यात्रियों को भटकना पड़ता है। चबूतरे में बैठकर यात्री करते हैं बस का इंतजार पुराना बस स्टैंड में प्रतीक्षालय नहीं होने की वजह से विभिन्न क्षेत्रों के लिए चलने वाली बसों में सफर करने के लिए पहुंचे यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। उन्हें स्कूल के सामने बने चबूतरे में पेड़ के नीचे बैठकर और जगह नहीं मिलने पर सड़क पर खुले में खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। टीपीनगर नया बस स्टैंड में भी प्रतीक्षालय की ओर से बसों की आवाजाही नहीं होने से यात्रियों को गतंव्य की ओर जाने वाले बसों के आवाजाही का पता ही नहीं चलता, इस कारण वे यात्री टिकट बुकिंग सेंटरों की ओर खुले जगह पर बैठकर बसों का इंतजार करते हैं। बस स्टैंड में बढ़ाई जाएगी सुविधाएं: निगम आयुक्त ^नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे के मुताबिक शहर के पुराना व नया बस स्टैंड में सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को पीने के पानी सुलभता से मिले इसके लिए पेयजल व्यवस्था सुधारा जाएगा। निजी वॉटर कूलर भी महीनों से बंद, जिम्मेदार है बेखबर बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए पीने का पानी जरूरी हो जाता है, खासकर गर्मी के सीजन में प्यास लगने पर यात्रियों को भटकना पड़ता है। पुराना बस स्टैंड में आजतक नगर निगम की ओर से पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। समाज सेवी संस्था भाई कन्हैया जी सेवा समिति द्वारा वर्ष 2019 में सरस्वती शिशु मंदिर के सामने लगाए गए वॉटर कूलर से ही काम चल रहा था लेकिन वह भी खराब पड़ा है।


