पुरूष नसबंदी कराने पर मिलेंगे 3 हजार:योजनाओं की समीक्षा बैठक में बीसीएमओ को निर्देश- अस्पतालों में नहीं रहे संसाधनों की कमी

दौसा स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में सोमवार को परिवार कल्याण कार्यक्रम और प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीताराम मीणा ने की। सीएमएचओ ने कहा कि निदेशालय से आए बजट को सभी संबंधित संस्थानों पर भेज दिया गया है। यह अकाउंटेंट की जिम्मेदारी है कि वे बजट के बारे में सूचना बीसीएमओ और बीपीएम को दें और बजट बुक करें। संसाधनों की कमी नहीं रहे, ताकि आमजन के इलाज में कोई दिक्कत नहीं आए। आरसीएचओ डॉ. बीएल मीणा ने कहा कि टीकाकरण पर फोकस करें और लक्ष्य के अनुरूप परिणाम दें। यह तभी होगा जब काम के साथ रिर्पोटिग भी समय पर होगी। गर्भवती महिलाओं की सभी एएनसी जांचें समय पर हों और टीकाकरण का चक्र भी पूर्ण करने में आमजन की मदद करें। ताकि बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेन्द्र गुर्जर ने कहा कि पुरूष नसबंदी पर फोकस करें। नसबंदी कराने वाले पुरूष को 3000 रूपए सरकार की तरफ से दिए जाते हैं। इसके कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हैं और पुरूष नसबंदी सभी केन्द्रों और नसबंदी शिविरों में निशुल्क की जाती है। उन्होंने बीसीएमओ को निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थाओं और आशाओं को पाबंद करें कि वे मोबाइल के माध्यम से एफपीएलआईएमएएस पर परिवार नियोजन के साधनों का इंडेंट करें। इसके अलावा उन्होंने आशा बहिनों को आशा इंसेंटिव क्लेम करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मां वाउचर योजना की प्रगति, विटामिन ए अभियान और सांस अभियान की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक गौरव गुप्ता समेत सभी 11 ब्लॉकों के बीसीएमओ, बीपीएम और बीएनओ भी मौजूद थे।

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