पुलिया से नीचे गिरी कार, बाप-बेटे की मौत:झगड़े के बाद रास्ते में उतरे दूल्हा-दुल्हन समेत 4 लोग; सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे

सांवरिया सेठ के दर्शन कर घर लौट रहे परिवार की कार बेकाबू होकर नेशनल हाईवे-148 की पुलिया से नीचे गिर गई। हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि 4 घायल हो गए। एक मासूम सुरक्षित बच गया। परिवार में बड़े बेटे की 19 फरवरी को शादी हुई थी। परिवार दूल्हा-दुल्हन को ढोक लगवाने सांवरिया सेठ मंदिर गया था। लौटते समय दूल्हे की किसी बात पर छोटे भाई से कहासुनी हो गई थी, तो वह दुल्हन और 2 सालों के साथ रास्ते में उतर गया, ऐसे में उनकी जान बच गई। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को विजयनगर अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर घायलों को JLN अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसा भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा थाना क्षेत्र का है। देखिए हादसे के बाद की तस्वीरें पुलिया से 20 फीट नीचे गिरी अनियंत्रित कार
जानकारी के अनुसार- लांबाहरिसिंह (टोंक) निवासी नोरत जांगिड़ (50) पुत्र बद्री खाती अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ सांवरिया सेठ मंदिर गए थे। 19 फरवरी को बड़े बेटे कमल जांगिड़ की शादी हुई थी, ऐसे में जोड़े को ढोक लगाने सांवरिया सेठ मंदिर गए थे। शनिवार रात 8 बजे 11 लोग मारुति वैन से रवाना हुए और रविवार सुबह करीब 5 बजे दर्शन किए। घर लौटते समय दोपहर करीब 12 बजे नेशनल हाईवे-148 पर भीलवाड़ा के गुलाबपुरा थाना क्षेत्र में विजय गोशाला के पास उनकी वैन अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 20 फीट नीचे गिर गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से विजयनगर अस्पताल पहुंचाया। वहां से गंभीर घायलों को अजमेर के JLN हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां नोरत जांगिड़ (50) और छोटे बेटे कालू जांगिड़ (30) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घायलों में गौरव (11) पुत्र श्रवण जांगिड़, कोमल (30) पत्नी रमेश जांगिड़, इंदिरा देवी पत्नी शंकरलाल जांगिड़ (मालपुरा) और यशश्री (6) शामिल हैं। परिजनों की गोद में बैठा छोटा बच्चा सुरक्षित बच गया। कहासुनी के कारण 4 लोग रास्ते में उतरे, जान बची
परिजनों के अनुसार- हादसे से पहले रास्ते में नोरत के छोटे बेटे कालू और बड़े बेटे कमल के बीच किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। इस पर कमल पत्नी पूजा, 2 सालों सुशील और राहुल निवासी मित्रपुरा, जेतपुरा (सवाई माधोपुर) के साथ भीलवाड़ा से पहले ही उतर गए। चारों टेंपो से भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से ट्रेन पकड़कर किशनगढ़ रवाना हो गए। इस कारण उनकी जान बच गई। परिवार के अनुसार- मारुति वैन कालू जांगिड़ चला रहा था। मृतक के दोनों बेटे बेंगलुरु में कारपेंटर का काम करते थे। मृतक नोरत की पत्नी ग्यारसी देवी आंखों की परेशानी के कारण यात्रा पर नहीं गई थीं। घटना की जानकारी मिलते ही बेसुध हो गई। मृतकों का सोमवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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